गोशाला में घुसा गुलदार, एक घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू
ज्योली गांव में मची अफरा तफरी, ग्रामीणों ने वन विभाग से बढ़ाई गश्त की मांग
अल्मोड़ा (उद संवाददाता)।पर्वतीय क्षेत्रें में गुलदारों का जंगल छोड़कर आबादी की ओर रुख करना लगातार चिंता का विषय बनता जा रहा है। आए दिन रिहायशी इलाकों और गोशालाओं के आसपास गुलदार दिखाई देने की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शनिवार शाम हवालबाग विकासखंड के ज्योली गांव में एक गुलदार गोशाला में घुस गया, जिससे पूरे गांव में अफरा तफरी मच गई। ग्राम प्रधान प्रताप राम ने बताया कि शाम के समय ग्रामीणों को गोशाला से गुर्राने की आवाज सुनाई दी। सूचना मिलने पर पशु प्रेमी एवं पार्षद अमित साह मोनू, पार्षद अभिषेक जोशी और नामित पार्षद कृष्ण बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। गोशाला की खिड़की से देखने पर भीतर गुलदार मौजूद मिला, जिसके बाद तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद ट्रैंक्विलाइजर गन की मदद से गुलदार को बेहोश कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद गुलदार को वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से गुलदारों की आवाजाही लगातार बढ़ी है, जिससे लोगों और पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से संवेदनशील क्षेत्रें में नियमित गश्त बढ़ाने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
