किच्छा में भाजपा की बगावत खत्म: धामी से मुलाकात के बाद टाकुली का बदला रुख
भाजपा प्रत्याशी का करेंगे समर्थन
किच्छा। नगर पालिका परिषद किच्छा के अध्यक्ष पद के चुनाव में नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा से बगावत कर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले नरेंद्र सिंह टाकुली ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के समर्थन में चुनाव प्रचार करने की घोषणा की है। नरेंद्र सिंह टाकुली के इस फैसले को किच्छा पालिका चुनाव में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। दरअसल किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा ने संदीप अरोड़ा को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। टिकट को लेकर नाराजगी के बाद नरेंद्र सिंह टाकुली ने पार्टी के फैसले के खिलाफ जाकर अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। इसके बाद वह भाजपा के बागी प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में दिखाई दे रहे थे। 13 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि थी लेकिन अंतिम समय तक नरेंद्र सिंह टाकुली ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया। ऐसे में चुनावी मैदान में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के सामने पार्टी के ही बागी प्रत्याशी के रूप में नरेंद्र सिंह टाकुली की मौजूदगी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया था। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस राजनीतिक घटनाक्रम में अचानक नया मोड़ आया। नरेंद्र सिंह टाकुली ने देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया और भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के समर्थन में चुनाव प्रचार करने की बात कही। अब टाकुली के चुनाव मैदान में प्रत्याशी के तौर पर नहीं उतरने के फैसले के बाद उनके समर्थकों का रुख भी भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के पक्ष में जाने की संभावना है। ऐसे में भाजपा अब अपने अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में संगठन और बागी खेमे को एकजुट करने की कोशिश में जुट सकती है। किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बना हुआ है। भाजपा की ओर से संदीप अरोड़ा मैदान में हैं जबकि कांग्रेस की ओर से राजेश प्रताप सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं कांग्रेस से बगावत कर अब्दुल रशीद जक्कू और भाजपा से बगावत कर नरेंद्र सिंह टाकुली ने भी नामांकन दाखिल किया था। नाम वापसी के बाद नरेंद्र सिंह टाकुली ने चुनाव से हटकर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन का फैसला किया है। अब सबकी नजर अब इस बात पर है कि नरेंद्र सिंह टाकुली के समर्थन का भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा को चुनावी समीकरणों में कितना लाभ मिलता है। टाकुली के साथ जुड़े समर्थकों और उनके प्रभाव वाले मतदाताओं का रुख चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद टाकुली का भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में खुलकर सामने आना किच्छा की चुनावी राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
