देहरादून से लेकर दिल्ली तक चर्चाए तेज : वेणुगोपाल और सैलजा से पूर्व सीएम हरीश रावत करेंगे मुलाकात
देहरादून। पूर्व सीएम हरीश रावत की यात्रा को लेकर देहरादून से लेकर दिल्ली तक चर्चाए तेज हो गई हैं। कुमाऊं की यात्रा पूरी करने के बाद हरीश रावत मंगलवार को देहरादून लौटेंगे। इसके बाद 7 अक्टूबर को वह दिल्ली जाकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात करेंगे। ऐसे में दिल्ली में होने वाली यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रा को लेकर हाईकमान की आपत्ति, संगठन के साथ समन्वय और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों सहित कई मुद्दों पर रावत और पार्टी नेतृत्व के बीच बातचीत हो सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा को लेकर कांग्रेस हाईकमान की आपत्ति के बीच प्रदेश संगठन ने पूरे मामले पर पिफलहाल मौन साध रखा है। पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की ओर से यात्रा को पार्टी संगठन के समानांतर कार्यक्रम बताए जाने के बाद कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल तेज है। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस की ओर से इस मामले में अब तक कोई तीखी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदेश प्रभारी की ओर से हरीश रावत को लिखे पत्र में कहा गया है कि पार्टी नेताओं और संगठन से समन्वय किए बिना समानांतर कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाने चाहिए। चुनाव से पहले पार्टी की एकजुटता और संगठनात्मक अनुशासन को महत्वपूर्ण बताते हुए सैलजा ने यात्रा को लेकर आपत्ति जताई है।वहीं प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जिस पत्र को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, उस पर प्रदेश अध्यक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। प्रदेश संगठन की ओर से रावत की यात्रा को पिफलहाल व्यक्तिगत कार्यक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस का यह भी कहना है कि हरीश रावत पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता हैं। ऐसे में उन्हें कांग्रेस से अलग करके नहीं देखा जा सकता। प्रदेश प्रभारी की आपत्ति के बावजूद हरीश रावत ने कुमाऊं से धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा शुरू की। यात्रा में उनके साथ कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व विधायक और समर्थक नजर आए। जगह-जगह कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मीडिया के सवालों पर भी उन्होंने पार्टी में गुटबाजी या बगावत की बात को स्वीकार नहीं किया। रावत ने कहा कि यात्रा में उनके हाथ में तिरंगा जरूर है, लेकिन उन्होंने इसे कांग्रेस का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के लोग अपनी इच्छा से यात्रा में शामिल हो रहे हैं। हरीश रावत ने यात्रा के दौरान अपनी बीमारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह कई दिनों तक मेदांता अस्पताल के आईसीयू में रहे और हजारों लोगों तथा देवी-देवताओं के आशीर्वाद से गंभीर बीमारी से उबरकर वापस उत्तराखंड लौटे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति धन्यवाद और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए वह लोगों के बीच निकले हैं। साथ ही रावत ने ईडी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके आत्मसम्मान को कुरेदा गया है और उन्हें इससे भी लड़ना है।


