बेटियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं:वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी
देहरादून (उद संवाददाता)। महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के अवसर पर देहरादून में आयोजित भव्य शोभायात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके आदर्शों, विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को याद किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने, दंगों की रोकथाम और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की नीतियों का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक सद्भाव और सुरक्षा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्श आज भी समाज को सत्य, सदाचार, समानता और समरसता का संदेश देते हैं। उनकी शिक्षाएं समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने तथा आपसी सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है और सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने लव जिहाद के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश में लव जिहाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपनी बहू-बेटियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसी भी महिला के साथ अन्याय होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कथित जबरन धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर भी सरकार की सख्ती का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि, इस अवसर पर उन्होंने किसी विशेष मामले का उल्लेख नहीं किया। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लैंड जिहाद को भी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब तक 13 हजार एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि का उपयोग जनहित में होना चाहिए और अवैध कब्जों को हटाकर कानून का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। सरकार की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मुक्त कराई गई भूमि का जिलेवार विवरण नहीं दिया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने दंगों की रोकथाम से संबंधित कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शांति भंग करने और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण जरूरी है। सरकार प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे से जुड़ी है। इस पहचान को बनाए रखने के लिए कानून का पालन और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मदरसा बोर्ड के गठन का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे सरकार की ओर से उठाए गए कदमों में शामिल बताया। हालांकि, इस दौरान उन्होंने बोर्ड की कार्यप्रणाली, उसके उद्देश्यों या उससे संबंधित किसी नए निर्णय का विस्तृत विवरण नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विभिन्न वर्गों को साथ लेकर प्रदेश के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने तथा कानून के दायरे में रहकर सभी गतिविधियों के संचालन पर जोर दिया। महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल भी मौजूद रहे।


