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गोदियाल बोले : जांच में लीपापोती की आशंका, बीकेटीसी अध्यक्ष नैतिकता के आधार पर दे इस्तीफा

विपक्ष के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए
देहरादून ।केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर समीति के कर्मचारियों पर बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में हेरफेर के आरोप लगे हैं। जिसके बाद एक बार फिर मंदिर समिति सवालों के घेरे में है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, जो पूर्व में बीकेटीसी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं ने इस मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने मंदिर समिति द्वारा गठित जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल विभागीय जांच से सत्य सामने नहीं आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में लीपापोती की आशंका है। गोदियाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि नई जांच समिति का गठन किया जाए, जिसमें विपक्ष के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए। उन्होंने आरोपी वैयक्तिक सहायक की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि पूर्व में भी मंदिर समिति में अनियमितताओं के आरोप सामने आ चुके हैं, इसलिए इस मामले की गहन और पारदर्शी जांच आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से भी मांग की कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को बनाए रखने तथा मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच आयोग का गठन किया जाए, ताकि पूरे प्रकरण की पारदर्शी तरीके से जांच हो सके और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि बदरीनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में लगी सोने की प्लेटों का रंग उतरने का विवाद हो या फिर मंदिर परिसर में क्यूआर कोड लगाने का मामला या फिर वीआईपी मेहमान नवाजी पर करोड़ों खर्च करने के आरोप हो। टाइम टू टाइम बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ऐसे आरोपों से घिरती रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों ने धार्मिक एवं प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सहायक और कुछ कर्मचारियों पर दान पैसों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप
भैरव सेना ने 3 जुलाई को बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ को इसके लेकर शिकायत दी थी। इस पत्र में बीकेटीसी अध्यक्ष के कथित निजी सहायक और ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मचारियों पर बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में दान पैसों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संदीप खत्री का दावा था कि मंदिर समिति से जुड़े कुछ गुप्त सूत्रों ने पहले भी उन्हें इस तरह की इनफोरमेशन दी थी।जिसमें उन्हें ये बताया गया कि पिछले काफी वक्त से जब बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में आए दान की गिनती की जाती है। तब ही बड़ी सफाई से चढ़ावे के पैसों को इधर-उधर कर दिया जाता है। जिसके बाद सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कथित आरोपी निजी सहायक के साथ ही ड्यूटी पर मौजूद चार कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा था। हालांकि वहीं बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्यों की एक जांच टीम बना दी। लेकिन भैरव सेना जो इस कथित गबन के खिलाफ आवाज उठा रही है, उनका कहना है कि उन्हें इस जांच कमेटी पर ही भरोसा नहीं है। भैरव सेना का कहना है कि जब मामला सीसीटीवी फुटेज से संबंधित है तो जांच टीम में कोई साइबर या फॉरेंसिक एक्सपर्ट क्यों नहीं है। वहीं भैरव सेना इस मामले में SIT की जांच की मांग भी कर रही है।

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