शोध और नवाचार से बनेगी विकास की मजबूत नीति
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के नियमित मूल्यांकन, वार्षिक निगरानी और शोध आधारित निर्णयों पर दिया जोर
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में शोध, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शोध एवं अध्ययन के निष्कर्षों का राज्य की नीतियों और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में समुचित उपयोग किया जाए। साथ ही योजनाओं के नियमित मूल्यांकन और निर्धारित लक्ष्यों की वार्षिक निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस की शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने राज्य की उपलब्धियों और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर अध्ययन आधारित विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद स्तर पर अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए उत्तराखंड की विशिष्ट परिस्थितियों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किया जाए। नीति निर्माण और भविष्य की कार्ययोजनाओं में आंकड़ों और शोध आधारित दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिवर्ष 10 स्नातकोत्तर छात्र छात्राओं को विशेष शोध परियोजना के लिए छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने पर सहमति दी गई। इसके माध्यम से राज्य की प्राथमिकता वाले विषयों पर शोध और परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार समारोह के गरिमापूर्ण आयोजन पर भी जोर दिया गया। सतत विकास लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण के साथ ही इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। शासी निकाय के सदस्यों ने राज्य के समग्र और दीर्घकालिक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सदस्यों ने कम मात्रा में अधिक मूल्य वाले उत्पादों को बढ़ावा देने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता बताई। पर्वतीय क्षेत्रों में घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने का सुझाव देते हुए कहा गया कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
