‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर तेज हुई कानूनी लड़ाई : महेंद्र भट्ट के खिलाफ बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज
आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा की ओर से लिखित शिकायत के आधार पर की गई कार्रवाई
देहरादून /बेंगलुरु। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कर्नाटक तक पहुंच गया है। बेंगलुरु के विधान सौध पुलिस थाने में उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत अन्य लोगों के खिलाफ शुक्रवार, 4 सितंबर को जीरो FIR दर्ज की गई।पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा की ओर से 31 अगस्त को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कानूनी राय ली और इसके बाद FIR दर्ज की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले को आगे की जांच के लिए संबंधित पुलिस थाने को भेजा जा सकता है। इस तरह हल्द्वानी के रामलीला मैदान से शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
पुलिस के अनुसार, FIR में नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 7(1)(c), 7(1)(d) और 7(1), SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(u) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196(1)(b) लगाई गई हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।शिकायत के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इसके दो दिन बाद, 10 अगस्त को भाजपा से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और अन्य लोगों ने उसी स्थान पर कथित ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ किया।शिकायतकर्ता टीआर रामप्पा ने आरोप लगाया कि इस कथित अनुष्ठान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि खड़गे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद रामलीला मैदान ‘अशुद्ध’ हो गया था। शिकायत में इस कथित कृत्य को दलितों के प्रति भेदभाव से जोड़ते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
राहुल गांधी और खड़गे ने भी उठाया था मुद्दा
मामले को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी। उन्होंने BJP और RSS पर दलितों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया था।वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में हुए कथित शुद्धिकरण मामले में FIR दर्ज कराने की मांग की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पत्र की जानकारी भी साझा की थी।
गणेश गोदियाल बोले—कानून के हाथ बहुत लंबे ‘क्रिया की प्रतिक्रिया’
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने FIR को ‘क्रिया की प्रतिक्रिया’ बताया। उन्होंने महेंद्र भट्ट पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और भट्ट को देर-सवेर कानून का सामना करना पड़ेगा। गोदियाल ने कहा कि यदि महेंद्र भट्ट से कोई गलती हुई है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और उसका प्रायश्चित करना चाहिए।
महेंद्र भट्ट ने आरोपों को बताया राजनीतिक मुद्दा
FIR के बाद महेंद्र भट्ट ने सफाई देते हुए कहा कि शुद्धिकरण को लेकर भाजपा की ओर से न कोई बयान जारी किया गया था और न ही कोई आधिकारिक विज्ञप्ति। उनके मुताबिक, यह कार्य भाजपा ने नहीं बल्कि एक स्वयंसेवी संस्था ने किया था।भट्ट ने कांग्रेस पर मुद्दाविहीन राजनीति करने और सामाजिक विद्वेष फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले में अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी।
7 सितंबर को BJP करेगी धरना
महेंद्र भट्ट ने घोषणा की कि भाजपा 7 सितंबर को उत्तराखंड के सभी जिलों में ‘समरसता और सौहार्द संकल्प धरना’ आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द और समरसता का संदेश देना है।भाजपा के अनुसार, धरने के दौरान पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों और हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण विवाद को लेकर अपना पक्ष जनता के सामने रखेंगे। कार्यक्रम सभी जिलों में एक साथ आयोजित किया जाएगा।
