लगातार बारिश ने थामी उत्तराखंड की रफ्तार : सड़कें बाधित होने, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी का सिलसिला जारी
काली नदी में समा गया हाईवे का हिस्सा, तवाघाट लिपुलेख मार्ग बंद- बाजपुर में घरों में घुसा पानी, अलकनंदा चेतावनी स्तर के करीब
देहरादून/रूद्रपुर/हल्द्वानी(उद संवाददाता)। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने रविवार को जनजीवन की रफ्तार थाम दी। पहाड़ से मैदान तक बारिश के कारण सड़कें बाधित होने, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। पिथौरागढ़ में काली नदी के तेज बहाव में सड़क का हिस्सा समा जाने से तवाघाट लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया, जबकि झूलाघाट के मूनाकोट ब्लॉक में मजिरकांडा भटेड़ी मार्ग पर मलबा आने से आवाजाही ठप है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है। पौड़ी में बारिश के दौरान एक मकान अचानक भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि घर में मौजूद परिवार के सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल आए। प्रदेश के पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, बागेश्वर, रुद्रपुर और रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में रविवार को बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी और चमोली में कहीं कहीं भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में 108 सड़कें बंद हैं। इनमें 81 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। नैनीताल जिले में रविवार सुबह 9-30 बजे तक 20 मार्ग बाधित बताए गए हैं। इनमें एक राज्य मार्ग, एक प्रमुख जिला मार्ग और 18 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। कई मार्गों को खोलने का काम जारी है, जबकि कुछ संवेदनशील मार्गों को खोलने में समय लग सकता है। बारिश के कारण कई क्षेत्रें में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। पिथौरागढ़ में काली नदी के तेज बहाव के कारण सड़क का हिस्सा नदी में समा गया, जिससे तवाघाट लिपुलेख मार्ग पर यातायात बंद हो गया। झूलाघाट के मूनाकोट क्षेत्र में मजिरकांडा भटेड़ी मार्ग पर मलबा आने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग बाधित मार्गों को खोलने में जुटे हैं। पौड़ी में लगातार बारिश के बीच एक मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे, लेकिन समय रहते सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल रहा। वहीं, कीर्तिनगर में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढूंढप्रयाग पुल के पास देर रात एक कार अनियंत्रित होकर गदेरे में जा गिरी। हादसे में जूना अखाड़े के स्वामी स्वरूपानंद यति महाराज, बाबा निरंजन पुरी महाराज समेत तीन संत घायल हो गए। पुलिस ने सभी घायलों को 108 सेवा के माध्यम से उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीकोट श्रीनगर भेजा। चंपावत के छीनीगोठ क्षेत्र में उफनाई हुîóी नदी के पार फंसे तीन ग्रामीणों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। तीनों ग्रामीण पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गए थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और तेज बहाव के कारण वे वापस नहीं लौट सके। सूचना मिलने पर पहुंची एसडीआरएफ टीम ने तेज बहाव के बीच अभियान चलाकर तीनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इससे पहले शनिवार को देहरादून के जैंतनवाला क्षेत्र में बारिश के बाद नून नदी उफान पर आ गई थी। तेज बहाव में एक महिंद्रा पिकअप वाहन देखते ही देखते नदी में बह गया था। ऊधमसिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में पिछले करीब 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और नहरों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रें की लिंक नहरों में भी पानी बढ़ने लगा है। राजीव नगर, इंदिरा कॉलोनी और ग्राम चकरपुर में कई घरों में पानी घुसना शुरू हो गया है। रविवार सुबह आलापुर माइनर और लेवड़ा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने से क्षेत्र में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। ग्राम झारखंडी को जाने वाला मार्ग भी गडप्पू नाले में बरसाती पानी आने के कारण बंद हो गया है। हल्द्वानी मुख्य मार्ग से बाजपुर की ओर आने वाले रास्ते पर भी करीब ढाई से तीन फुट पानी बहने की सूचना है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। पानी उतरने के बाद ही सड़क को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन हो सकेगा। जलस्तर बढ़ने से चकरपुर समेत लेवड़ा नदी के आसपास बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। राजीव कॉलोनी, बाके नगर, इंदिरा कॉलोनी, यादव होटल के पीछे स्थित कॉलोनी, चकरपुर नई बस्ती और गुमसानी क्षेत्र के लोगों को नदी का जलस्तर और बढ़ने पर नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान इन क्षेत्रें में हर वर्ष जलभराव और बाढ़ का खतरा बना रहता है। बाजपुर में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह ने सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों को अलर्ट रहने, वैकल्पिक स्थानों को व्यवस्थित रखने और खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रें पर नजर बनाए हुए है। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं थी। बारिश का दौर जारी रहने के कारण प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रें से दूरी बनाए रखने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रें में सड़क खुलने के बाद भी लगातार बारिश के कारण दोबारा मलबा आने की आशंका बनी हुई है।
