नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के पुरस्कार वितरण समारोह में सीएम धामी ने की कई बड़ी घोषणाएं
27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में दिखाया दमखम
चमोली/देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत क्षेत्र नीति घाटी के पर्यटन विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के भव्य आयोजन में देशभर से उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। सीमांत नीति घाटी में पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने साहस, उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के अंतर्गत 5, 10, 21, 42 एवं 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव श्री धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अतिथियों ने विजेताओं को पुरस्कार धनराशि एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उनकी घोषणाओं से नीति घाटी सहित पूरे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं जनपद चमोली की नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के पुरस्कार वितरण समारोह में वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर और महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत सामुदायिक होम स्टे विकसित किए जाएंगे तथा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने घोषणा की कि नीति घाटी के विभिन्न गांवों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक साइनज और व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। इससे पर्यटकों को क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत से बेहतर ढंग से परिचित होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जनपद के रिमखिम और बाड़ाहोती क्षेत्र में बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीमा दर्शन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से देश के नागरिकों को सीमांत क्षेत्रों के महत्व और वहां की विशिष्टताओं को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा। इससे क्षेत्र में साहसिक पर्यटन गतिविधियों के साथ बड़े आयोजनों के आयोजन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और पर्यटन के माध्यम से इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से नीति घाटी उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगी।


