मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल में 39 महिला उद्यमियों को किया सम्मानित
देहरादून। मुख्य सेवक सदन में शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना ‘चौपाल 2026’ का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंची उन 39 महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों को सम्मानित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और प्रतिभा का परिचय दिया है। ग्रामीण क्षेत्रें में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उत्पादों, स्वरोजगार और छोटे उद्यमों के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार और आत्म निर्भरता की राह दिखा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं के भीतर प्रतिभा और मेहनत की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उनकी प्रतिभा को उचित मंच और अवसर देने की है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम विकसित करने, अपने उत्पादों को बाजार से जोड़ने और स्वरोजगार को स्थायी आय के साधन में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब गांव की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होगी तो उसका परिवार और पूरा समाज मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी अधिक भागीदारी दिलाने के लिए काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की महिलाएं अपने स्थानीय उत्पादों और हुनर को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएं। इसके लिए स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं को सरल और प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने सम्मानित महिलाओं से कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि हजारों अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने महिलाओं का आ“वान किया कि वे अपने हुनर को उद्यम में बदलें और अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ें। सरकार हरसंभव सहयोग के लिए उनके साथ खड़ी है। कार्यक्रम में अल्मोड़ा से हर्षिता सुयाल, भावना शर्मा और कविता भोजक, बागेश्वर से दीपा दानू, मीना जोशी और आशा खेतवाल, चमोली से ममता भट्टð, लच्छी देवी और सतीश्वरी देवी, चंपावत से हेमा उपाध्याय, लक्ष्मी जोशी और कंचन देवी, हरिद्वार से पिंकी, दीपा और भारती रावत, नैनीताल से किरन जोशी, स्तुति पंत, प्रियंका गोस्वामी और गीता नेगी, पौड़ी से दीपशिखा, बीना देवी और लक्ष्मी देवी, पिथौरागढ़ से हेमा चंद, रेखा भट्टð और तुलसी देवी, रुद्रप्रयाग से बीना देवी, बीरा देवी और रीना पुजारी, टिहरी से कुसुमलता डंगवाल, रंजना देवी और बिनीता देवी, ऊधमसिंहनगर से रश्मि तिवारी, संगीता और भक्ति सागर तथा उत्तरकाशी से रिचा बधानी, रंजना, उर्मिला देवी और शीला रतूड़ी को मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, राज्यसभा सांसद तरुण बंसल, ग्राम्य विकास सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में महिला उद्यमी उपस्थित रहीं।





