बैंककर्मियों की एक दिन की हड़ताल से ठप रहा कामकाज
मांगों को लेकर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन,सितंबर के अंत में तीन दिन हड़ताल की चेतावनी
देहरादून/रूद्रपुर/काशीपुर/हल्द्वानी/ नैनीताल । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आ“वान पर शुक्रवार को देशव्यापी एक दिवसीय बैंक हड़ताल का उत्तराखंड में भी व्यापक असर रहा। देहरादून, नैनीताल और रुद्रपुर समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों में बैंक अधिकारी और कर्मचारी कामकाज छोड़कर प्रदर्शन में शामिल हुए। हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में लेनदेन और अन्य बैंकिंग कार्य प्रभावित रहे, जिससे ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मचारियों ने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, लंबित मांगों का समाधान करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव में भेदभाव समाप्त करने की मांग उठाई। देहरादून में करीब चार हजार बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। एश्ले हाल चौक पर कर्मचारियों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत अन्य मांगें उठाई जा रही हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रर्वाइ नहीं हुई है। उनका कहना था कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य जीवन संतुलन मिल सकेगा। प्रदर्शन के दौरान बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। अध्यक्ष इंदर सिंह रावत ने कहा कि बैंक कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो सितंबर के अंत में तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। रुद्रपुर में भी बैंककर्मियों ने प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। यूएफबीयू के आ“वान पर विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के सामने एकत्र हुए। उन्होंने हाथों में मांगों से संबंधित बैनर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद बैंककर्मियों ने शहर के प्रमुख स्थानों और विभिन्न बैंकों के सामने जुलूस निकालकर नारेबाजी की। रुद्रपुर में कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के साथ 11वें और 12वें द्विपक्षीय समझौतों को लागू करने, पेंशन अपडेशन, पुरानी पेंशन बहाल करने तथा लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग की। कर्मचारियों ने प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव में किसी तरह का भेदभाव नहीं किए जाने की भी मांग उठाई। सभा को संबोधित करते हुए गिरीश चंद्र जोशी ने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। समीर राय ने आंदोलन को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की बात कही, जबकि मोहन जोशी ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की एकजुटता पर जोर दिया। प्रदर्शन में विकास शर्मा ,आरके छावड़ा,तुलाराम एनसी महाजन, शंकर चक्रवर्ती, एफएस बिष्ट, मनोहर जनपांगी समेत बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। काशीपुर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी एकदिवसीय हड़ताल पूर्णतः सफल रही। देशभर के सभी बैंक बंद रहे। काशीपुर में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एकजुट होकर महाराणा प्रताप चौक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा कि संगठन की कई मांगें लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी हैं और सरकार हर बार कर्मचारियों को धोखा दे रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में बैंक कार्यदिवस सप्ताह में पांच दिन करना, पीएलआई योजना में सुधार, बैंक कर्मचारियों के विरोध में बनाए जा रहे श्रम कानूनों को वापस लेना, ग्राहकों की जमा राशि का दुरुपयोग रोकना, बड़े व्यापारियों के ऋण माफ करने की नीति पर रोक लगाना, बैंकों का निजीकरण रोकना और आउटसोर्सिंग बंद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आ“वान पर आयोजित की गई। इसमें पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, नैनीताल बैंक, स्टेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आंध्रा बैंक, पूर्वांचल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों ने पूर्ण सहयोग दिया। संगठन ने हड़ताल के कारण ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया। हल्द्वानी में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के राष्ट्रव्यापी आ“वान पर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल के तहत हल्द्वानी में भी विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। बैंक कर्मचारियों ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने प्रदर्शन कर पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने और पीएलआई के द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों का सम्मान करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 12वें द्विपक्षीय समझौते में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने पर सहमति बनने के बावजूद इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने इसको लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि समझौते में सहमति के बाद भी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू नहीं किया जाना कर्मचारियों के हितों की अनदेखी है। प्रदर्शन में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वर्कमैन स्टाफ के क्षेत्रीय सचिव ओमप्रकाश निओलिया, एसबीआई के सहायक महासचिव चंदन सिंह बिष्ट, उत्तरांचल बैंक एम्प्लॉइज यूनियन जिला इकाई नैनीताल के जिला सचिव योगेश पंत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर एसोसिएशन के डीजीएस टीएन पांगती, केनरा बैंक के सचिव महेश पांगती, यूनियन बैंक के सर्किल सचिव रोहित वर्मा, बैंक ऑफ बड़ौदा के महेश चंद सनवाल, कूर्वांचल बैंक के केएन शर्मा, केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के यज्ञेश खोलिया, पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के एजीएस हिमांशु बृजवाल और सचिव बसंत जोशी सहित विभिन्न बैंक संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। नैनीताल में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आ“वान पर शहर के सरकारी और निजी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। मल्लीताल स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के समीप कर्मचारियों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के कारण शहर की करीब डेढ़ दर्जन बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। बैंक बंद होने के कारण नगदी की जरूरत वाले ग्राहकों को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा। प्रदर्शन में अभिषेक अधिकारी, रमेश बिष्ट, शिखर साह, राधा खनका, लीला आर्या, ममता बजावल, प्रियंका पंत, संजय बोरा, कमल गोस्वामी, अतुल साह, अंकित सिंह, विनोद बाल्मीकि और नीरज तिवारी समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
