आरटीआई में खुलासा: उत्तराखंड के सांसदों की केवल 18 प्रतिशत सांसद निधि खर्च,215 प्रस्तावित कार्य अब तक स्वीकृत नहीं
काशीपुर । उत्तराखंड के वर्तमान लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को आवंटित सांसद निधि में से जून 2026 तक करीब 18 प्रतिशत धनराशि ही खर्च हो सकी है। इसमें पूर्ण हो चुके और प्रगति पर चल रहे कार्यों पर खर्च धनराशि शामिल है। सांसदों द्वारा प्रस्तावित 215 कार्य अधिकारियों के स्तर से अब तक स्वीकृत नहीं किए गए हैं, जबकि स्वीकृत कार्यों में से 154 कार्य जून 2026 तक शुरू नहीं हो सके हैं। यह जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध कराए गए विवरण से सामने आई है। काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट ने उत्तराखंड के ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से सांसद निधि खर्च से संबंधित सूचना मांगी थी। इसके जवाब में लोक सूचना अधिकारी एवं उपायुक्त प्रशासन हेमंती गुंजियाल ने पत्रांक 319762 के माध्यम से जून 2026 तक का सांसद निधि खर्च संबंधी विवरण उपलब्ध कराया। इसी विवरण के आधार पर सांसद निधि की खर्च स्थिति सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जून 2026 तक उत्तराखंड के पांच लोकसभा और तीन राज्यसभा सांसदों को कुल 135.95 करोड़ रुपये की सांसद निधि आवंटित हुई है। इसमें लोकसभा सांसदों को 73.50 करोड़ और राज्यसभा सांसदों को 62.45 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वर्तमान कार्यकाल में पूर्ण कार्यों पर कुल 12.81 करोड़ रुपये तथा प्रगति पर चल रहे कार्यों पर 11.31 करोड़ रुपये खर्च होना दर्शाया गया है। यह कुल आवंटित राशि का करीब 18 प्रतिशत है। लोकसभा सांसदों के मामले में पूर्ण कार्यों पर 5.769 करोड़ रुपये और प्रगति पर चल रहे कार्यों पर 1.90 करोड़ रुपये खर्च होना दर्शाया गया है। वहीं राज्यसभा सांसदों की निधि में पूर्ण कार्यों पर 7.04 करोड़ रुपये तथा चल रहे कार्यों पर 9.41 करोड़ रुपये खर्च होना बताया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार लोकसभा सांसदों में टिहरी गढ़वाल की माला राज्य लक्ष्मी शाह की निधि से 4.08 करोड़ रुपये यानी 28 प्रतिशत खर्च होना दर्शाया गया है। नैनीताल उधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट की 1.79 करोड़ रुपये यानी 12 प्रतिशत, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की 1.499 करोड़ रुपये यानी 10 प्रतिशत तथा अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा की 0.17 करोड़ रुपये यानी एक प्रतिशत निधि खर्च होना बताया गया है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की जून 2026 तक सांसद निधि से खर्च शून्य दर्शाया गया है। नैनीताल उधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने अपने वर्तमान कार्यकाल में कुल 327 कार्य प्रस्तावित किए हैं। इनमें से 260 कार्य स्वीकृत हुए हैं। विवरण के अनुसार 56 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 183 कार्य प्रगति पर हैं और 21 कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। टिहरी गढ़वाल सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने 184 कार्य प्रस्तावित किए, जिनमें से 167 कार्य स्वीकृत हुए। इनमें 80 कार्य पूर्ण, 74 कार्य प्रगति पर और 13 कार्य शुरू नहीं हुए हैं। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने नौ कार्य प्रस्तावित किए। इनमें तीन कार्य स्वीकृत हुए हैं। तीन कार्य पूर्ण, तीन प्रगति पर और एक कार्य प्रारंभ नहीं होना दर्शाया गया है। अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा के 59 प्रस्तावित कार्यों में से 35 स्वीकृत हुए हैं। उपलब्ध विवरण में तीन कार्य प्रारंभ नहीं होने तथा 29 कार्य प्रगति पर होने की जानकारी दी गई है। हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 137 कार्य प्रस्तावित किए हैं, जिनमें से 31 कार्य स्वीकृत हुए। इनमें 20 कार्य पूर्ण और 11 कार्य प्रगति पर हैं। राज्यसभा सांसदों में नरेश बंसल की सांसद निधि से 10.96 करोड़ रुपये यानी 40 प्रतिशत खर्च होना दर्शाया गया है। कल्पना सैनी की 4.356 करोड़ रुपये यानी 22 प्रतिशत और महेंद्र भट्ट की 1.139 करोड़ रुपये यानी आठ प्रतिशत निधि जून 2026 तक खर्च हुई है। नरेश बंसल ने 280 कार्य प्रस्तावित किए हैं, जिनमें से 231 स्वीकृत हुए। इनमें 39 कार्य पूर्ण, 118 प्रगति पर और 74 कार्य जून 2026 तक शुरू नहीं हुए हैं। कल्पना सैनी के 140 प्रस्तावित कार्यों में से 106 स्वीकृत हुए हैं। इनमें 48 कार्य पूर्ण, 54 प्रगति पर और चार कार्य शुरू नहीं हुए हैं। महेंद्र भट्टð ने 87 कार्य प्रस्तावित किए हैं, जिनमें से 71 स्वीकृत हुए। उपलब्ध विवरण में 10 कार्य पूर्ण, 23 कार्य प्रगति पर और 38 कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
