October 3, 2026

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कुमांऊ में बाहर पहली बार बैठेगी धामी कैबिनेट, तैयारियां पूरी

सीमांत क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं पर होगा मंथन, शारदा कॉरिडोर और पूर्णागिरि रोपवे का भी निरीक्षण
बनबसा। उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में चार अक्टूबर का दिन खास होने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक देहरादून से बाहर आयोजित होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चंपावत जिले के बनबसा में होने वाली इस बैठक को सीमांत क्षेत्रें को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की पहल के पीछे यह संदेश देने का प्रयास है कि सरकार केवल देहरादून से संचालित नहीं होती बल्कि प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रें की जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और विकास की जरूरतों पर भी सीधे निर्णय लिए जाते हैं। कैबिनेट बैठक को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। एक दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कैबिनेट मंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारी शनिवार से ही बनबसा पहुंचना शुरू करेंगे। इनमें मुख्य सचिव के साथ प्रमुख सचिव सचिव और आयुक्त कुमाऊं समेत शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। अधिकारियों और मंत्रियों के ठहरने के लिए विभिन्न शासकीय गेस्ट हाउस में करीब 50 कमरे आरक्षित किए गए हैं। चंपावत जिले में पहली बार होने जा रही कैबिनेट बैठक को लेकर प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल से लेकर अतिथियों के ठहरने भोजन स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। बैठक में चंपावत जिले की प्रमुख विकास योजनाओं के साथ ही प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सीमांत और जनजातीय क्षेत्रें में विकास की गति बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर लंबित समस्याओं और विकास योजनाओं को शासन के समक्ष रखने का भी यह अवसर होगा। बैठक से पहले मंत्रियों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों का क्षेत्रीय विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी प्रस्तावित है। इसके तहत शारदा कॉरिडोर पूर्णागिरि रोपवे और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों का जायजा लिया जाएगा। अधिकारी और मंत्री सेवा संकल्प अभियान में भी प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान स्थानीय स्तर पर चल रहे विकास कार्यों और प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी शासन के सामने रखी जाएगी। सरकार की इस पहल को लेकर स्थानीय स्तर पर भी खासा उत्साह है। आमतौर पर राजधानी देहरादून में होने वाली कैबिनेट बैठक को पहली बार सीमांत जिले में आयोजित किए जाने से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि क्षेत्र से जुड़े विकास प्रस्तावों और समस्याओं को सीधे सरकार के स्तर पर रखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं चंपावत विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं ऐसे में उनके गृह क्षेत्र में होने वाली यह बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में शामिल होने वाले मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रशासन ने स्थानीय पहाड़ी खानपान को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया है। मेहमानों को भट्ट की चुरकानी गहत की दाल मड़वे की रोटी पहाड़ी खीरे का रायता और झंगोरे की खीर समेत पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके जरिए स्थानीय संस्कृति और पहाड़ी खानपान को भी कार्यक्रम में विशेष स्थान दिया गया है। चार अक्टूबर को बनबसा में होने वाली यह कैबिनेट बैठक केवल शासन की बैठक तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसके साथ मुख्यमंत्री और सरकार का सीमांत क्षेत्रें तक सीधे पहुंचने का संदेश भी जुड़ा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक में चंपावत और सीमांत क्षेत्रें से जुड़े किन प्रस्तावों पर मुहर लगती है और प्रदेश के विकास को लेकर सरकार कौन से महत्वपूर्ण फैसले करती है।
कैबिनेट बैठक के लिए तैयारियां पूर्ण
चंपावत। जनपद चंपावत में पहली बार आयोजित होने जा रही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक (कैबिनेट बैठक) के लिए प्रशासनिक तैयारियां गतिमान हैं। इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन चंपावत द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण हो गयी हैं। आयोजन स्थल एनएचपीसी परिसर भवन बनबसा एवं अन्य स्थलों को विशेष रूप से उत्तराखंड की पारंपरिक और समृद्ध लोक-संस्कृति की थीम पर सजाया गया है। भवन की दीवारों और प्रांगण में उकेरी गई ऐंपण कला राज्य की सांस्कृतिक धरोहर की एक जीवंत झलक प्रस्तुत कर रही हैं, जो यहां आने वाले सभी अतिथियों और वरिष्ठ महानुभावों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा आयोजन स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। मुख्य बैठक स्थल से लेकर अतिथियों के प्रवास, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए अधिकारियों द्वारा लगातार समीक्षा कर शेष बचे कार्यों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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