मुख्यमंत्री धामी ने सिख समाज के योगदान को सराहा :साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक
रूद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, संस्कार, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं की महान परंपरा भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। गुरु साहिबान का जीवन हमें अन्याय के आगे न झुकने, जरूरतमंदों की सेवा करने, मानवता की रक्षा करने और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा देता है। सिख परंपरा वास्तव में फ्एक भारत, श्रेष्ठ भारतय् की जीवंत मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी समाज ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और उद्यमशीलता के बल पर देश के निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीमा पर देश की रक्षा से लेकर खेतों में अन्न उत्पादन, उद्योग एवं व्यापार को गति देने तथा आपदा के समय सेवा कार्यों में पंजाबी और सिख समाज का योगदान अनुकरणीय रहा है। उन्होंने कहा कि तराई क्षेत्र के विकास और यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी पंजाबी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अपने परिश्रम और संकल्प से समाज ने इस क्षेत्र को नई पहचान देने में अहम योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समाज की आस्था, बलिदान और गौरवशाली परंपराओं को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए हैं। करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, लंगर को सभी प्रकार के करों से मुक्त करना, श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की स्वीकृति प्रदान करना तथा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती का भव्य आयोजन इसी भावना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि साहिबजादों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करते हुए वीर बाल दिवस घोषित किया गया। अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित भारत लाने का कार्य भी किया गया। साथ ही, वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों को न्याय और सम्मान दिलाने की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। देवभूमि उत्तराखंड के साथ सिख समाज के भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र चरण इस देवभूमि पर पड़े हैं। हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसी पवित्र धरोहरें उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक लगभग 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की दिशा में कार्य आगे बढ़ चुका है। इस रोपवे के निर्माण से बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं के लिए हेमकुंड साहिब की यात्रा अधिक सुगम होगी तथा तीर्थयात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के विकास में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को भी याद किया। मुख्यमंत्री ने उनकी जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्टð, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, श्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, राज्यसभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्टð, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक शिव अरोड़ा, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, विधायक त्रिलोक चीमा, अरविंद पांडे, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, मंजीत सिंह राजू, सुरेंद्र नामधारी, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, तरुण बंसल, खिलेंद्र चौधरी, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ. प्रेम सिंह राणा, गुरविंदर सिंह चंदोक, जिलाअधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
पजाबी गौरव सम्मेलन से भाजपा ने साधा यूपी-उत्तराखंड का सीमांत वोट बैंक
रुद्रपुर। भारतीय जनता पार्टी ने तराई बेल्ट के जरिए एक तीर से दो निशाने साधने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। रामपुर और रुद्रपुर की सीमा पर स्थित एक निजी होटल में आयोजित ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’ के जरिए पार्टी ने न केवल उत्तराखंड, बल्कि उससे सटे उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक और सिख-पंजाबी वोट बैंक को भी अपनी ओर खींचने की पुरजोर कोशिश की। इस सम्मेलन में ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर, किच्छा, गदरपुर और बाजपुर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के रामपुर, रुद्र बिलासपुर, बिलासपुर और मिलक से भी बड़ी संख्या में सिख किसान और पंजाबी समाज के लोग पहुंचे। भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से तराई क्षेत्र में रुद्रपुर और रामपुर को एक ही कृषि-सांस्कृतिक पट्टðी माना जाता है, इसलिए चुनावी रणनीति के तहत कार्यक्रम स्थल भी दोनों राज्यों की सीमा पर चुना गया था। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा की नजर 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों पर है। यूपी की रामपुर लोकसभा, बिलासपुर व मिलक विधानसभा सीटों और उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले की सीटों पर सिख व पंजाबी मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसी समीकरण को देखते हुए मंच से सिख समाज के ऐतिहासिक योगदान, वर्ष 1984 के दंगा पीड़ितों को मिले न्याय, करतारपुर कॉरिडोर और हेमकुंड साहिब रोपवे जैसे मुद्दों का जिक्र कर सिख समुदाय से गहरा भावनात्मक जुड़ाव बनाने का प्रयास किया गया।
