उत्तराखण्ड बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित, 12वीं में बागेश्वर की गीतिका और उधम सिंह नगर की सुशीला, 10वीं में रामनगर के अक्षत टॉपर
बालिकाओं ने फिर गाड़े सफलता के झंडे, हाईस्कूल में 92.10 और इंटर में 85.11 प्रतिशत रहा परिणाम
रामनगर (उद संवाददाता)। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के बहुप्रतीक्षित परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए गए। रामनगर स्थित बोर्ड मुख्यालय में प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आधिकारिक रूप से परीक्षा फल जारी किया। इस वर्ष के परिणामों में एक बार फिर बालिकाओं ने बाजी मारकर अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता सिद्ध की है। हाईस्कूल का कुल पास प्रतिशत 92.10 रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.33 प्रतिशत बेहतर है। वहीं, इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिसमें पिछले वर्ष के मुकाबले 1.88 प्रतिशत का सुधार देखा गया है। शिक्षा मंत्री ने सभी सफल छात्र.छात्रओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है।हाईस्कूल परीक्षा के विवरण पर नजर डालें तो इस वर्ष कुल 1,12,266 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,08,983 मुख्य परीक्षा में शामिल हुए और 1,00,373 परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.03 रहा, जबकि बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 96.07 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त की। प्रदेश की मेरिट सूची में रामनगर के एमपी हिंदू इंटर कॉलेज के छात्र हाईस्कूल परीक्षा में अक्षत गोपाल ने 500 में से 491 अंक (98.20प्रतिशत) प्राप्त कर पूरे उत्तराखंड में प्रथम स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से उत्तरकाशी के ईशांत कोठारी और खेरना नैनीताल की भूमिका पंत रहे, जिन्होंने 490 अंक प्राप्त किए। भूमिका पंत ने बालिकाओं की सूची में भी शीर्ष स्थान पाया है। वहीं बागेश्वर के योगेश जोशी 489 अंकों के साथ प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहे। जनपदवार प्रदर्शन की बात करें तो बागेश्वर जिला 96.98 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश में अव्वल रहा। हाईस्कूल में 7,935 छात्रें ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाकर विशेष योग्यता हासिल की है।इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 1,02,986 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 1,00,452 परीक्षा में बैठे और 85,499 उत्तीर्ण घोषित किए गए। यहां भी बालिकाओं का दबदबा कायम रहा, जहाँ बालकों का पास प्रतिशत 81.93 रहा तो वहीं बालिकाओं ने 88.09 प्रतिशत की सफलता दर हासिल की। इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में बागेश्वर की गीतिका पंत और उधम सिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने 500 में से 490 अंक (98प्रतिशत) प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रदेश में टॉप किया है। ऋषिकेश के आर्यन ने 489 अंकों के साथ दूसरा और हरिद्वार की वंशिका ने 485 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। जनपदों के प्रदर्शन में बागेश्वर 94.81 प्रतिशत के साथ पुनः प्रथम स्थान पर रहा। कुल 7,814 परीक्षार्थियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। इस बार बोर्ड की मेरिट सूची में हाईस्कूल के 207 और इंटरमीडिएट के 105 छात्रें ने अपनी जगह बनाई है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उत्तराखंड के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं और सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के इतिहास में यह अब तक का सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है। उन्होंने विशेष रूप से खुशी जताते हुए बताया कि इस वर्ष हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 92.10 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का 85.11 प्रतिशत रहा है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाईस्कूल में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.07 और इंटरमीडिएट में 88.09 रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने समय पर परिणाम घोषित करने के लिए बोर्ड के अधिकारियों और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अप्रैल माह में ही नतीजे जारी कर दिए गए हैं ताकि छात्रें को आगे की कक्षाओं में प्रवेश लेने में कोई असुविधा न हो। डॉ. रावत ने यह भी रेखांकित किया कि प्रदेश का बागेश्वर जिला दोनों ही परीक्षाओं में शीर्ष पर रहा है, जो राज्य के दुर्गम क्षेत्रें में शिक्षा के स्तर में सुधार का प्रमाण है। अंत में उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और जो छात्र किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए, उन्हें निराश न होकर आगामी सुधार परीक्षाओं के लिए अभी से मेहनत करने का संदेश दिया।

