पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नजूल, श्रमिकों और किसानों के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा
रुद्रपुर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को सिटी क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूर्व सैनिकों, अग्निवीर योजना, नजूल भूमि, श्रमिकों, किसानों तथा बंगाली समाज से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार पर जनता के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। हरीश रावत ने कहा कि पूर्व सैनिक लंबे समय से वन रैंक-वन पेंशन की विसंगतियों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कांग्रेस का स्पष्ट वादा है कि सत्ता में आने पर इन विसंगतियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सहित पूरे देश में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक अग्निवीर योजना से निराश हैं। यह योजना सेना की गौरवशाली रेजीमेंट प्रणाली को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस सरकार बनने पर अग्निवीर योजना को समाप्त कर पूर्व की भर्ती व्यवस्था बहाल की जाएगी। उन्होंने कहा कि अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं। उनके कल्याण के लिए अलग बोर्ड की आवश्यकता है। कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2015 में सैनिक कल्याण और अर्द्धसैनिक कल्याण बोर्ड के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए थे और भविष्य में भी सैनिकों के हितों के प्रति पार्टी प्रतिबद्ध रहेगी। अल्मोड़ा में आयोजित कांग्रेस की जनसभा का उल्लेख करते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह रैली ऐतिहासिक रही। खराब मौसम के कारण नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कार्यक्रम में भौतिक रूप से नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने वर्चुअल संबोधन के माध्यम से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने का काम किया। रावत ने कहा कि अल्मोड़ा में दिखाई दिया जोश और उत्साह अब गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा और यही ऊर्जा आगामी चुनावों में कांग्रेस की ताकत बनेगी। नजूल भूमि के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में नाममात्र शुल्क पर लोगों को मालिकाना हक देने की ऐतिहासिक पहल की थी। वर्ग-4 की भूमि पर भी मालिकाना हक देने का निर्णय किसानों और आम लोगों के हित में लिया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने पिछले कई वर्षों में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नजूल भूमि के मामले में भाजपा सरकार ने जनता को गुमराह किया है और सैकड़ों फाइलें आज भी लंबित पड़ी हैं। हरीश रावत ने कहा कि तराई-भाबर क्षेत्र के साथ अन्याय हुआ है और कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने विधानसभा में बंगाली समाज को लेकर की गई कुछ टिप्पणियों की भी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। श्रमिकों की समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सिडकुल क्षेत्र में श्रमिकों का शोषण बढ़ा है। भाजपा सरकार किसानों के बाद अब मजदूरों के हितों की भी अनदेखी कर रही है। कांग्रेस श्रमिकों और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नजूल नीति को लेकर सरकार जनता को भ्रमित कर रही है। यदि हरीश रावत सरकार की नजूल नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो हजारों परिवारों को इसका लाभ मिल सकता है। उन्होंने अल्मोड़ा रैली को लेकर भाजपा नेताओं की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने कार्यों का मूल्यांकन करना चाहिए। बेहड़ ने जनगणना प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कच्चे मकानों को पक्का और बुनियादी सुविधाओं के अभाव वाले घरों को सुविधायुक्त दिखाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास इसके प्रमाण भी मौजूद हैं। पत्रकार वार्ता में विधायक तिलकराज बेहड़, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, महानगर अध्यक्ष ममता रानी, हरीश रावतरा, साजिद खान, मोहन खेड़ा, चंदन नयाल, त्रिनाथ विश्वास, सतीश राजपूत, बाबू विश्वकर्मा, ममता हाल्दार, किशोर कुमार, ललित बिष्ट, संजय ठुकराल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


