उत्तराखंड में महिला उद्यमियों को मिली मदद का केंद्र ने दिया ब्यौरा
नई दिल्ली/हल्द्वानी । नैनीताल ऊधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट के लोकसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 3217 के जवाब में केंद्र सरकार ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं तथा उत्तराखंड में उनके लाभार्थियों और वित्तीय सहायता का विस्तृत ब्यौरा सदन के पटल पर रखा।सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में उद्यम सखी पोर्टल शुरू किया गया था, जिसके विकास पर 43 लाख 52 हजार रुपये खर्च किए गए। मंत्रालय ने विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म को एकीकृत करने के बाद एक जनवरी 2026 से इस पोर्टल को बंद कर दिया और उस पर पंजीकृत महिला उद्यमियों को उद्यम पंजीकरण पोर्टल तथा उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया।सरकार के अनुसार उद्यम सखी पोर्टल पर देशभर में 4580 महिला उद्यमियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें उत्तराखंड की 26 महिला उद्यमी शामिल थीं।सरकार ने बताया कि महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, ऋण गारंटी योजना, आइडिया, करियर विकास योजना, स्फूर्ति, एमएसई क्लस्टर विकास कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार ऋण गारंटी योजना के तहत वर्ष 2000 से 31 जुलाई 2026 तक उत्तराखंड में 30 हजार 861 महिला स्वामित्व वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को 2726 करोड़ रुपये की गारंटी सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत भी महिला स्वामित्व वाले सूक्ष्म उद्यमों को सहायता प्रदान की गई। वर्ष 2021 22 में 489, वर्ष 2022 23 में 484, वर्ष 2023 24 में 377, वर्ष 2024 25 में 213 तथा वर्ष 2025 26 में 158 महिला उद्यमों को योजना का लाभ मिला। केंद्र सरकार ने आस्पायर, स्फूर्ति, करियर विकास योजना तथा उद्यमिता एवं कौशल विकास कार्यक्रम जैसी योजनाओं के तहत महिला उद्यमियों को उपलब्ध कराए गए लाभ और व्यय का वर्षवार विवरण भी सदन में प्रस्तुत किया। सांसद अजय भट्टð ने अपने प्रश्न में महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने, उद्यम सखी पोर्टल पर हुए व्यय, राज्यवार लाभार्थियों की संख्या, महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को उपलब्ध कराई जा रही सहायता तथा उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों में योजनाओं के तहत हुए खर्च और लाभार्थियों का विस्तृत विवरण मांगा था। इसके उत्तर में केंद्र सरकार ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति और उत्तराखंड से जुड़े विस्तृत आंकड़े सदन के पटल पर रखे।
