अंकिता भंडारी हत्याकांड और महिलाओं पर बढ़ते अपराधों के खिलाफ धरना प्रदर्शन
रुद्रपुर (उद संवाददाता)। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने शुक्रवार को रुद्रपुर मुख्य बाजार स्थित डॉ- भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। धरने के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने कहा कि भाजपा राज में बहू बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में महिला अपराध गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने में प्रभावी कदम नहीं उठा रही है और भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आने वाले मामलों में भी सरकार का रवैया सवालों के घेरे में रहा है। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड सहित महिलाओं से जुड़े मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना जरूरी है। सरकार को महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग उठाती रही है। उन्होंने महिलाओं और बेटियों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई तथा दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी हत्या को चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन परिवार को अब भी पूर्ण न्याय का इंतजार है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामले में निष्पक्ष जांच और वीआईपी एंगल से जुड़ी कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। पार्टी ने कहा कि जब तक हर पीड़ित बेटी को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। धरने में पार्षद बाबू साहब, जकी रजा, अलका पाल, दिनेश पंत, सुनील चुघ, पवन बिष्ट, राजवीर सिंह विर्क, ममता हाल्दार, इंदुमान, गोपाल भसीन, बाबू खान, जितेन्द्र सरस्वती, सरोज शर्मा, ज्योति टम्टा, सुशील बत्र, चेतन मांगट, रामकुमार गुप्ता, रंजीत तिवारी, कुंदन टम्टा, प्रदीप यादव, मुशर्रफ हुसैन, बबलू सागर, सद्दाम पाशा, आसीत बाला, राधेश्याम बंसल, राजू सागर, उमा सरकार, जमुना प्रसाद कोली, आबिद हुसैन, सतीश कुमार, जयदेव मिस्त्री, उमर खान, दिनेश कोली, मोहन कुमार, फरमान सिद्दीकी, शिवम सागर और फैज राज खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
