प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएः मुख्य सचिव
यूपीसीएल ने प्रदेशवासियों से की अपील: शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक बिजली का किफायती और न्यूनतम उपयोग करें
देहरादून । मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण बिजली की मांग में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में आने वाले समय को देखते हुए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। बैठक में प्रबंध निदेशक यूपीसीएल जी एस बुधियाल ने बताया कि 21 मई 2026 को देशभर में अधिकतम विद्युत मांग लगभग 270.8 गीगावाट दर्ज की गई, जो मई 2024 में दर्ज 250 गीगावाट के पूर्व रिकॉर्ड से अधिक है। गत वर्ष जून 2025 में यह मांग लगभग 242 गीगावाट रही थी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम मांग 270 से 277 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। इसी दिन उत्तराखंड में भी अब तक की सर्वाधिक 2982 मेगावाट बिजली मांग दर्ज की गई। बैठक में बताया गया कि उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग में तेजी आई है, जिससे बिजली की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर पीक आवर्स में बिजली उपलब्धता सीमित हो रही है और ऊर्जा एक्सचेंज में 10 रुपये प्रति यूनिट की अधिकतम दर होने के बावजूद पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके बावजूद यूपीसीएल प्रदेश के उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 22 मई को सचिव स्तरीय बैठक में यूपीसीएल की तैयारियों और प्रबंधन की समीक्षा की गई थी। मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव ऊर्जा के मार्गदर्शन में यूपीसीएल द्वारा अग्रिम विद्युत प्रबंधन योजना, रियल टाइम मॉनिटरिंग और ग्रिड समन्वय के माध्यम से आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि प्रदेश में अब तक किसी प्रकार की रोस्टरिंग नहीं की गई है। यूपीसीएल ऊर्जा एक्सचेंजों के माध्यम से बिजली प्रबंधन तथा आकस्मिक परिस्थितियों में केंद्रीय गैस आधारित विद्युत की शेडड्ढूलिंग के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि यूजेवीएनएल द्वारा बिजली आपूर्ति प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। हालांकि पिछले दो से तीन दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और हिमपात के कारण जल विद्युत उत्पादन में लगभग चार मिलियन यूनिट की कमी आई है, लेकिन आगामी दिनों में इसके तेजी से बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को केंद्रीय पूल से आवंटित 250 मेगावाट के अतिरिक्त 150 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए ऊर्जा एक्सचेंजों के माध्यम से एक से 15 मई तक 100 मेगावाट तथा 16 से 31 मई तक 225 मेगावाट अग्रिम विद्युत की व्यवस्था की गई है। यूपीसीएल ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक पीक आवर्स में बिजली का किफायती और न्यूनतम उपयोग करें तथा एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन जैसे अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का सीमित उपयोग करें। बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, मुख्य अभियंता एन एस बिष्ट, अधीक्षण अभियंता नवीन मिश्रा, अधिशासी अभियंता मनोज अग्रवाल तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
