कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में जल्द होगा जिम्मेदारियों का बंटवारा, एसआईआर प्रक्रिया के साथ चुनावी रणनीति पर दिल्ली में मंथन
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने संगठन को सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल की टीम में जल्द ही पदाधिकारियों के बीच काम का बंटवारा कर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इस संबंध में गुरुवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी सैलजा की मौजूदगी में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही एसआईआर प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन दर्ज की जा रही आपत्तियों को लेकर पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा की गई। कांग्रेस संगठन ने मतदाता सूची से जुड़े इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आपत्तियों के निस्तारण के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर जोर दिया।गौरतलब है कि सात अगस्त को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित की गई थी। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व वाली कार्यकारिणी में 24 उपाध्यक्ष, 36 महासचिव और 107 सचिव नियुक्त किए गए हैं। अब विधानसभा चुनाव को देखते हुए इन पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां और क्षेत्रवार काम सौंपने की तैयारी है।बैठक में इस बात पर भी मंथन किया गया कि उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर के पदाधिकारियों से संगठन विस्तार, चुनावी प्रबंधन, जनसंपर्क और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए किस तरह की जिम्मेदारियां ली जाएं। माना जा रहा है कि जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा होने के बाद कांग्रेस चुनावी तैयारियों को और गति देगी।बैठक में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत प्रदेश के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, “आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को पूरी तरह सक्रिय और जवाबदेह बनाया जाएगा। नई कार्यकारिणी में शामिल सभी पदाधिकारियों को उनकी क्षमता और संगठन की जरूरत के अनुसार जिम्मेदारी दी जाएगी। हमारा लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना है। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी पार्टी पूरी गंभीरता से काम कर रही है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए।”
