तीन दिन में उपनल कर्मियों से अनुबंध नहीं तो विभागाध्यक्ष पर होगी प्रतिकूल प्रविष्टि
देहरादून । मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने उपनल कर्मियों से अनुबंध, कर्मचारियों की पदोन्नति, वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि ;एसीआरद्ध और लाभार्थी केंद्रित योजनाओं में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी ;सीबीडीसीद्ध के विस्तार को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने उपनल कर्मियों और विभागों के बीच अनुबंध की प्रक्रिया को गंभीरता से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागाध्यक्ष अगले तीन दिनों के भीतर अपने विभाग में कार्यरत उपनल कर्मियों के साथ अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में किसी विभाग द्वारा अनुबंध नहीं कराया गया तो संबंधित विभागाध्यक्ष को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को कर्मचारियों की पदोन्नति और एसीआर से जुड़े कार्य भी समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पदोन्नति संबंधी पूर्व में जारी शासनादेश का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 30 जून 2027 तक पदोन्नति के पात्रा कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अगले एक माह के भीतर शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से अधीनस्थ कर्मचारियों की एसीआर समय पर पूर्ण कराने, एसीआर बैच निर्माण का कार्य तत्काल पूरा करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न करने को कहा। मुख्य सचिव ने कृषि विभाग में लागू सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी योजना को उद्यान विभाग तथा कृषि विभाग की अन्य योजनाओं में भी लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए समय सीमा निर्धारित करने के साथ ही लाभार्थी केंद्रित योजनाओं से जुड़े सभी विभागों में इस व्यवस्था को लागू करने की संभावनाएं तलाशने को कहा। उन्होंने सीबीडीसी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों के साथ कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, श्रीधर बाबू अद्दांकी, डॉ. आर. राजेश कुमार, एस. एन. पाण्डेय, ज्योति यादव, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान तथा आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
