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बैरिकेडिंग तोड़ उत्तराखंड में घुसे निहंगों पर केस

हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा,श्रीनगर में भी निष्पक्ष कार्रवाई की उठी मांग
देहरादून (उद संवाददाता)। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर कुल्हाल बैरियर की बैरिकेडिंग तोड़कर राज्य में जबरन प्रवेश करने के मामले में विकासनगर पुलिस ने अज्ञात निहंग सिखों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि बैरिकेडिंग तोड़ने के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई, पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया गया, हथियार लहराकर दहशत फैलाने के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार 25 जून को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक निहंग सिखों से कर्णप्रयाग पहुंचने की अपील की गई थी। सूचना के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिमाचल उत्तराखंड सीमा पर स्थित कुल्हाल गेट बैरियर पर पुलिस, पीएसी और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने निहंग सिखों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और छोटे छोटे समूहों में यात्रा करने का अनुरोध किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस का आरोप है कि वार्ता विफल होने के बाद बड़ी संख्या में निहंग सिख बैरिकेडिंग तक पहुंचे और तलवार, कृपाण, फरसे, भाले सहित अन्य धारदार हथियार लहराते हुए बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। इस दौरान बैरिकेडिंग के आसपास खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया गया, जिससे मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। देहरादून देहात के पुलिस अधीक्षक पंकज गैरोला ने बताया कि अज्ञात निहंग सिखों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, लोक सेवक पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आपराधिक बल प्रयोग तथा लोगों में भय का वातावरण उत्पन्न करने सहित विभिन्न धाराओं में विकासनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सनोज कुमार को सौंपी गई है। वहीं हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कुछ निहंग सिखों पर यातायात नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने के आरोपों को लेकर श्रीनगर में भी स्थानीय युवाओं और गढ़वाल विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न छात्र संगठनों में आक्रोश देखने को मिला। पूर्व और वर्तमान छात्र नेताओं के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर कोतवाली पहुंचा और पुलिस प्रशासन से बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्र नेताओं और स्थानीय युवाओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों द्वारा मामूली यातायात नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, जबकि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि कानून और यातायात नियम सभी के लिए समान होने चाहिए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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