कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने उठाई कांवड़
हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर 26 किलोमीटर पैदल चलेंगी खेल मंत्री
हरिद्वार (उद संवाददाता)। उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या सोमवार को हरकी पैड़ी से कांवड़ यात्रा पर रवाना हुईं। उन्होंने मां गंगा का विधि विधान से पूजन कर गंगाजल ग्रहण किया और भगवान शिव का जयघोष करते हुए पैदल यात्रा शुरू की। इस दौरान अिखल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज समेत कई साधु संत और खेल प्रेमी मौजूद रहे। भोलेनाथ की भक्ति के गीतों के बीच सुबह सवेरे हरकी पैड़ी से कांवड़ यात्रा रवाना हुई। कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति के साथ हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा का पूजन अर्चन किया और देश तथा प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने अिखल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज तथा निरंजनी अखाड़े के सचिव रामरतन गिरि से भेंट कर उन्हें कांवड़ यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। रेखा आर्या हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर करीब 26 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर ऋषिकेश स्थित वीरभद्र मंदिर पहुंचेंगी, जहां वह भगवान शिव का रुद्राभिषेक करेंगी। इस बार उन्होंने यात्रा के दौरान दो महत्वपूर्ण संकल्प लिए हैं। उनका पहला संकल्प वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी भारत को मिलने और उसका सफल आयोजन होने का है। दूसरा संकल्प भारत को खेलों के क्षेत्र में विश्व की खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से उनके दोनों संकल्प अवश्य पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि भारत में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है और देश को खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। कांवड़ यात्रा में शामिल साधु संतों ने खेल मंत्री रेखा आर्या के संकल्प और भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था की सराहना की। अिखल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि खेलों के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि रेखा आर्या के दोनों संकल्प पूर्ण हों और भारत खेल जगत में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि रेखा आर्या की यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का संदेश भी जाएगा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने पिछले वर्ष भी हरकी पैड़ी से पैदल कांवड़ यात्रा की थी। उन्होंने हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर करीब 26 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की थी और वीरभद्र मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। उस दौरान उन्होंने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया था। इस वर्ष भी वह अपने पति के साथ पैदल कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। इस बार उन्होंने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी भारत को मिलने और देश को खेलों की विश्व महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है।
