हाईकोर्ट से बड़ी खबर: किच्छा सिरौलीकला चुनाव की मतगणना पर हटाई रोक
किच्छा में 68.85 प्रतिशत, जबकि सिरौलीकलां में करीब 83 प्रतिशत मतदान दर्ज
नैनीताल। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। हाईकोर्ट ने दोनों निकायों के चुनाव की मतगणना पर लगाई गई रोक हटा दी है। रोक हटने के बाद अब दोनों नगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम घोषित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।इससे पहले राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया था कि किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिकाओं में 22 सितंबर को मतदान कराया जाएगा, लेकिन मतदान के बाद मतगणना अग्रिम आदेशों तक स्थगित रहेगी। मामले में न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की थी। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मतगणना पर लगी रोक हटाते हुए नए नोटिफिकेशन के तहत मतगणना कराने के आदेश जारी किए हैं। अब डबल बेंच में सुनवाई में हाईकोर्ट द्वारा मतगणना पर लगी रोक हटाए जाने के बाद दोनों निकायों के प्रत्याशियों और समर्थकों में परिणाम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। मतगणना कब और किस व्यवस्था के तहत कराई जाएगी, इसकी अंतिम जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के आदेश से स्पष्ट होगी।
22 सितंबर को हुआ था मतदान
किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के लिए 22 सितंबर को मतदान संपन्न हुआ था। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार दोनों निकायों में 24 सितंबर को मतगणना प्रस्तावित थी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के चलते मतगणना पर रोक लगा दी गई थी।किच्छा में 68.85 प्रतिशत, जबकि सिरौलीकलां में करीब 83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के बाद से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को परिणाम का इंतजार था।
किच्छा में कांग्रेस-भाजपा के बीच सीधा मुकाबला
किच्छा नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह और भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। मतगणना पर रोक हटने के बाद दोनों खेमों की निगाहें अब चुनाव परिणाम पर टिकी हैं।वहीं, सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राशिदा बेगम चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की ओर से यहां कोई प्रत्याशी नहीं उतारा गया है।
गठन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे थे सवाल
मतगणना पर रोक का मामला किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिकाओं के गठन तथा चुनाव प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं की ओर से किच्छा से सिरौलीकलां को अलग नगर पालिका बनाए जाने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं।
