इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता: राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप की मांग, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने की मुलाकात
दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति का किया विरोध
नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया। उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी मौजूद रहीं। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए मांग की कि जांच पूरी होने तक भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने से पहले ऐसी नियुक्ति नहीं होनी चाहिए, जिससे जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठें। धरने के दौरान उन्होंने अंकिता को न्याय दिलाने और हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई।

राहुल और प्रियंका गांधी ने की मुलाकात
कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने परिवार की न्याय की मांग के प्रति समर्थन जताया। प्रियंका गांधी ने कहा कि अंकिता के माता-पिता पिछले चार वर्षों से देहरादून से दिल्ली तक न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी और अपने परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती थी, लेकिन उसकी बर्बरता से हत्या कर दी गई। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि जिन माता-पिता की दुनिया उजड़ गई, क्या वे अपनी बेटी के लिए न्याय मांगकर कुछ ज्यादा मांग रहे हैं? उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में एक बेटी को न्याय मिलना चाहिए।
कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग
अंकिता भंडारी के माता-पिता हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। परिवार ने दावा किया है कि इस प्रकरण में जिस वीआईपी का जिक्र हुआ था, वह दुष्यंत कुमार गौतम हैं। सितंबर 2022 में अंकिता की हत्या के समय गौतम भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी थे। परिवार ने उनकी सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति का विरोध करते हुए मांग की है कि मामले की जांच पूरी होने तक नियुक्ति को रोका जाए। हालांकि, दुष्यंत कुमार गौतम की कथित भूमिका से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच की मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना आवश्यक है।
न्याय की मांग को लेकर जारी है संघर्ष
अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड में व्यापक जनाक्रोश पैदा किया था। अब पीड़िता के माता-पिता ने दिल्ली में धरना देकर मामले में न्याय की मांग फिर उठाई है। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष तरीके से जवाब नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।


