खटीमा में मुख्यमंत्री ने किया आधुनिक गोशाला का लोकार्पण
खटीमा (उद संवाददाता)। खटीमा के हल्दी घेरा गांव में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से आठ एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित आधुनिक गोशाला का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैदिक मंत्रेच्चार और पूजा अर्चना के साथ भव्य उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के रूप में विकसित की गई इस गोशाला में दो हजार से अधिक बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। गोशाला के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ने गोसेवा, गोवंश संरक्षण, किसानों की फसलों की सुरक्षा और क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से सामने रखा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सड़कों, राजमार्गों और गली मोहल्लों में बेसहारा गोवंश के घूमने से जहां आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था, वहीं किसानों की मेहनत से तैयार फसलों को भी नुकसान पहुंचता था। किसानों और आम लोगों की इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में हल्दी घेरा की आधुनिक गोशाला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गोमाता को पूजनीय स्थान प्राप्त है और गोवंश का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गोशाला केवल एक भवन या ढांचा नहीं है, बल्कि गोवंश के संरक्षण और किसानों की आजीविका की सुरक्षा का सशक्त केंद्र बनेगी। सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश को यहां सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय मिलेगा। इससे एक ओर जहां सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, वहीं किसानों की लहलहाती फसलों को भी नुकसान से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं के कारण किसान और आम लोग लंबे समय से परेशान थे। पशु भी सड़कों पर असुरक्षित रहते थे और चारे के लिए इधर उधर भटकते थे। गोशाला बनने से दोनों समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी। सीएम धामी ने कहा कि गोशाला का उद्घाटन महज औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सरकार के गोसेवा और गोसंरक्षण के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे उत्तराखंड में गोसंरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला पंचायतों और स्थानीय निकायों के माध्यम से आवश्यक बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। खटीमा और सीमांत क्षेत्र में गोवंश संरक्षण के लिए किया गया यह प्रयास भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवंश संरक्षण के साथ किसानों की फसल को बचाना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खेतों में बेसहारा पशुओं के पहुंचने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। गोशाला के संचालन से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर गोवंश की मौजूदगी कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी। उन्होंने कहा कि खटीमा और सीमांत क्षेत्र के चौमुखी विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गोसेवा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में गोमाता को विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि गोमाता में सभी देवी देवताओं का वास होता है और गोसेवा को पुण्य का कार्य माना गया है। उन्होंने कहा कि गोवंश की सेवा और संरक्षण के साथ उनके लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हल्दी घेरा में निर्मित यह गोशाला क्षेत्र में गोवंश संरक्षण के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी। सरकार का प्रयास है कि बेसहारा गोवंश को सड़कों पर छोड़ने की स्थिति न बने और उन्हें उचित आश्रय, चारा तथा देखभाल उपलब्ध हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर भी लोगों को जागरूक होकर सहयोग करना होगा।गोशाला के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्टð, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, सरिता राणा, दीपक बाली, रमेश जोशी, रंजीत नामधारी, प्रेम सिंह टुरना, राजेश शुक्ला, रविन्द्र राणा, राजपाल सिंह, सोमनाथ मौर्य, हरीश मुंजाल, उत्तम दत्ता, मनोज शाही, श्रीपाल, प्रेम सिंह राणा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
