Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

रामनगर से देहरादून नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू

सांसद अनिल बलूनी और त्रिवेन्द्र रावत ने दिखाई हरी झण्डी
रामनगर (उद संवाददाता)। उत्तराखण्ड के लिए ऐतिहासिक क्षण के रूप में शनिवार को पहली बार कुमाऊं और गढ़वाल मंडल सीधे रेल सेवा से जुड़ गए। रामनगर से देहरादून के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ किया गया। रामनगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया, जबकि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। यह पहली रेल सेवा है जो सीधे कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ रही है। अब तक अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय से लेकर उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद भी दोनों मंडलों के बीच कोई सीधी रेल संपर्क सुविधा उपलब्ध नहीं थी। लंबे समय से इस रेल सेवा की मांग उठ रही थी, जिसे साकार करने के लिए गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी लगातार प्रयासरत थे। रामनगर उनके संसदीय क्षेत्र का भी हिस्सा है। नई एक्सप्रेस ट्रेन फिलहाल सप्ताह में दो दिन बुधवार और शुक्रवार को संचालित होगी। रेलवे के अनुसार ट्रेन सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर रामनगर से रवाना होकर दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर देहरादून पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन उसी दिन दोपहर 3 बजकर 55 मिनट पर देहरादून से चलकर रात 11 बजकर 30 मिनट पर रामनगर पहुंचेगी। भविष्य में यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर इसके नियमित संचालन की संभावना भी जताई जा रही है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में काशीपुर, रोशनपुर, पीपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर ठहरेगी। इस नई रेल सेवा से दोनों मंडलों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम होगा और यात्रियों को सड़क मार्ग पर निर्भरता भी कम होगी। नई रेल सेवा से पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के साथ ही रामनगर स्थित प्रसिद्ध गिरिजा देवी मंदिर तथा सीतावनी जैसे धार्मिक और पौराणिक स्थलों तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं हरिद्वार और देहरादून पहुंचने के बाद बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह रेल सेवा उपयोगी साबित होगी। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, वातानुकूलित चेयर कार, शयनयान, द्वितीय श्रेणी चेयर कार तथा सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोच लगाए हैं, जिससे विभिन्न वर्गों के यात्रियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यह रेल सेवा केवल दो शहरों को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखण्ड के दोनों मंडलों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। साथ ही पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *