August 29, 2026

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कांवड़ मेला: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक में कानून व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण पर हुई चर्चा

आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा कांवड़ मेला
हरिद्वार । आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला 2026 के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण संचालन को लेकर शुक्रवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर साझा कार्ययोजना पर मंथन किया। बैठक में कानून व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा राज्यों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले के प्रभावी संचालन के लिए संबंधित राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट एवं बैरियर स्थापित किए जाएंगे तथा साझा निगरानी व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान करते हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा का सफल संचालन सभी राज्यों एवं एजेंसियों के बेहतर समन्वय पर निर्भर करता है। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग समय रहते तैयारियों को अंतिम रूप दें और पूरी यात्रा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि रियल टाइम समन्वय, त्वरित सूचना आदान प्रदान, आधुनिक निगरानी प्रणाली, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था तथा वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन यात्रा की सफलता की आधारशिला होंगे। सभी राज्यों को अपने अपने क्षेत्रों में सुरक्षा, यातायात एवं आपदा प्रबंधन की व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के प्रवेश बिंदुओं पर दिशा निर्देशों, प्रतिबंधों एवं सुरक्षा मानकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा सभी श्रद्धालुओं को वैध पहचान पत्र साथ रखने के लिए प्रेरित किया जाए। किसी भी प्रकार के घातक हथियार अथवा प्रतिबंधित सामग्री के साथ यात्रा में प्रवेश पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने प्रमुख संतों एवं धार्मिक गुरुओं के संदेशों का व्यापक प्रचार प्रसार करने, यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाएं और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रमुख स्थानों पर साइनेज लगाकर मार्ग, पार्किंग एवं डायवर्जन संबंधी जानकारी देने के निर्देश भी दिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया की सतत निगरानी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा आपत्तिजनक सामग्री का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए। इसके लिए सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल एवं साइबर इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए। रेलवे अधिकारियों को विशेष ट्रेनों के संचालन, स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था तथा हरिद्वार एवं आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक अभिसूचना अभिनव कुमार तथा सचिव गृह शैलेश बगौली ने कांवड़ मेला 2026 की तैयारियों की जानकारी देते हुए सभी संबंधित राज्यों एवं एजेंसियों से समन्वय के साथ मेले के सफल आयोजन में सहयोग का आ“वान किया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होगा। 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक अवधि रहेगी, जबकि 5 अगस्त से श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ चरण सबसे अधिक भीड़ वाला और चुनौतीपूर्ण रहेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग प्रबंधन तथा एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण व्यवस्था का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा, सचिव लोक निर्माण विभाग विनीत कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था डॉ. वी. मुरूगेशन, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। संचालन एसपी निशा यादव ने किया। बैठक से पूर्व मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में मां गंगा की पूजा अर्चना कर कांवड़ मेला 2026 के सफल, सुरक्षित एवं निर्विघ्न आयोजन की कामना की।

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