1100 रुपये देकर कर सकेंगे वीआईपी दर्शन : बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में वीआईपी कल्चर को बीकेटीसी की हरी झंडी
देहरादून। बेशक, भगवान अपने सभी भक्तों को समभाव से देखते हों और अपने दर पर पहुंचने वाले प्रत्येक भक्त पर समान रूप से कृपा बरसातें हों, लेकिन उत्तराखंड में बदरीनाथ व केदारनाथ मंदिर का प्रबंधन करने वाली संस्था बीकेटीसी ने भगवान के दर पर आर्थिक भेदभाव को बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है। ज्ञात हो कि चार धाम यात्रा करने वाले भक्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है और बदरीनाथ व केदारनाथ के मंदिर में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जुटने लगी है। लिहाजा, मंदिर के पट खुलने से पहले ही बदरीनाथ व केदारनाथ में दर्शनार्थियों की लंबी-लंबी लाइन लग जाती हैं और भक्तों को दर्शन के लिए अच्छा खासा इंतजार करना पड़ता है। खास बात तो यह है कि मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले वीआईपी श्रद्धालुओं के चलते सामान्य दर्शनार्थियों का इंतजार और भी लंबा हो जाता है ।ऐसे में जरूरत तो इस बात की थी कि भगवान के दर पर वीआईपी कल्चर को खत्म किया जाता, सभी भक्तों के साथ एक समान व्यवहार किया जाता, लेकिन आम श्रद्धालुओं की अपेक्षाओं की बिल्कुल विपरीत बदरीनाथ एवं केदारनाथ मंदिर का प्रबंध देखने वाली संस्था बीकेटीसी ने एक एसओपी जारी करके भगवान के दर पर आर्थिक भेदभाव को आधिकारिक मान्यता दे दी है। बीकेटीसी के अनुसार विभिन्न राज्यों से आने वाले तीर्थयात्री वीआईपी सिफारिश लेकर भारी संख्या में मंदिर परिसर के गेट नंबर दो पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में परिसर में भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था पैदा हो रही है। लिहाजा, सामान्य श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन को प्राथमिकता देते हुए मानक प्रचालन प्रक्रिया ;एसओपीद्ध में संशोधन कर दिया है। एसओपी के अनुसार अब प्रोटोकॉल के आधार पर वीआईपी अतिथियों के दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 1100 रुपये सहयोग राशि ली जाएगी साथ ही बीकेटीसी ने मंदिर परिसर से प्रोटोकॉल कार्यालय को नीलकंठ विश्राम गृह में स्थानांतरित भी कर दिया है।बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार से प्राप्त प्रोटोकॉल सूचना के आधार पर बीकेटीसी की ओर से दर्शन के लिए पर्ची जारी कर सहयोग राशि ली जाएगी। उनके अनुसार बीकेटीसी का मकसद लाइन में लगने वाले श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन कराना है। इस क्रम में प्रोटोकॉल में आने वाले अतिथियों के दर्शन में पारदर्शी व्यवस्था व सामान्य श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए वीआईपी अतिथियों से दर्शन के लिए 1100 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
