हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवड़ियों का लगा तांता
अब तक 76.85 लाख से अधिक शिवभक्त भर चुके हैं गंगाजल,मुख्य मार्गों पर पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार इन दिनों पूरी तरह शिवमय हो चुकी है। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजती सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों से गंगा जल लेकर लौटने वाले हर उम्र और हर वर्ग के श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आ रहे हैं। हरकी पैड़ी से अपने गंतव्य की ओर कांवड़ यात्री रंग-बिरंगी और आकर्षक कांवड़ लेकर चल रहे हैं। डाक कांवड़ यात्रियों ने भी भव्य झांकियां बनाई है। यात्रा के दौरान कुछ स्थानों पर डीजे की धुन पर शिवभक्त झूम रहे हैं। सावन के पहले सोमवार पर हरिद्वार और )षिकेश के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तड़के तीन बजे से ही मंदिरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। हरिद्वार के कांवड़ मार्ग स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। कांवड़ क्षेत्र स्थित यह मंदिर भगवान शिव की ससुराल माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार राजा दक्ष, जो भगवान ब्रह्मा के पुत्र और भगवान शिव के ससुर थे, उनका राज्य यहीं था। उन्होंने बताया कि सावन माह में भगवान शिव एक माह तक यहां विराजमान रहते हैं। वहीं )षिकेश में भी सावन के पहले सोमवार पर सोमेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव और वीरभद्र महादेव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिरों के कपाट खुलते ही बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। पूरे दिन शिवालयों में दर्शन और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा। कांवड़ मेले के चौथे दिन रविवार को हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने गंगा से पवित्र जल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। रविवार को ही करीब 31.50 लाख कांवड़िए गंगाजल लेकर रवाना हुए, जबकि कांवड़ यात्रा शुरू होने से 2 अगस्त की शाम छह बजे तक कुल 76.85 लाख से अधिक शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर विभिन्न राज्यों के लिए निकल चुके हैं।रविवार तड़के से लेकर देर रात तक हर की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कांवड़ पटरी मार्ग के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी शिवभक्तों का लगातार आवागमन जारी रहा। धर्मनगरी में हर घंटे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है और प्रशासन को उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह में यह आंकड़ा करोड़ों तक पहुंच सकता है।एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अगले दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।मेला कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार कांवड़ पटरी मार्ग, प्रमुख स्नान घाटों, संवेदनशील स्थानों और मुख्य मार्गों पर पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा कर्मी लगातार निगरानी कर सुचारु यातायात और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं।हाल के दिनों में हुए दो बड़े हादसों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से केवल निर्धारित स्थानों पर ही स्नान करने तथा यात्रा के दौरान निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने की अपील की है। साथ ही प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध भी किया गया है।इस बीच, बागपत से पहुंचे शिवभक्तों की 251 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी तिरंगा कांवड़ आकर्षण का केंद्र बनी रही। कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं ने राष्ट्रभक्ति और नशामुक्ति का संदेश भी दिया। जिला प्रशासन ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारु बनाए रखने के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार संचालित की जा रही हैं। प्रशासन ने सभी शिवभक्तों से स्वच्छ एवं सुरक्षित कांवड़ यात्रा के संचालन में सहयोग करने की अपील की है।

