August 19, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

देवभूमि में नशे जैसी बुराई को पनपने नहीं देंगे : मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में सक्रिय ड्रग पैडलर्स और माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

देहरादून(उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर शीर्ष पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले के साथ बैठक कर ‘ड्रग्स फ्ी उत्तराखण्ड’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए व्यापक रणनीति तय की। बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि नशे का कारोबार प्रदेश के भविष्य पर गहरी चोट करता है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में सक्रिय ड्रग पैडलर्स और माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि ड्रग्स के खिलाफ यह जंग केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को मिलकर इसे जड़ से समाप्त करना होगा। सरकार इस अभियान में पूरे संसाधन झोंकेगी। सीएम धामी ने अधिकारियों को रात्रिकालीन चेकिंग की संख्या बढ़ाने, सीमावर्ती क्षेत्रें में विशेष सतर्कता रखने और वाहनों व व्यक्तियों की सख्त जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमाएं नशे की खेप के लिए किसी भी हालत में आसान मार्ग नहीं बननी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने 1933 ड्रग्स फ्ी हेल्पलाइन नंबर के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस हेल्पलाइन को हर जिले, हर गांव तक पहुंचाया जाए, ताकि लोग आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जन-जागरूकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा नशे के खिलाफ सिर्फ कानून नहीं, बल्कि जन-जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। हमें अपने बच्चों और युवाओं को इस बुराई से दूर रखने के लिए समाज में एक जनआंदोलन खड़ा करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में जागरूकता रैलियां, स्कूल-कॉलेज स्तर पर संवाद कार्यक्रम और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाए। सीएम धामी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, समाज कल्याण और युवा कल्याण विभाग को संयुक्त कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर एक साझा रणनीति तैयार करें ताकि ड्रग्स के दुष्प्रभावों से युवाओं को जागरूक किया जा सके और प्रभावित लोगों को समय पर उपचार मिल सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की चपेट में आए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी हमारी जिम्मेदारी है। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने दो टूक कहा कि उत्तराखण्ड को देवभूमि कहा जाता है। इस पावन भूमि पर नशे जैसी बुराई को पनपने नहीं देंगे। यह सरकार का ही नहीं, बल्कि हर नागरिक का संकल्प होना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी को हम एक स्वच्छ, स्वस्थ और नशामुक्त समाज दें।बैठक में प्रमुख सचिव आर- के- सुधांशु, आर- मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक वी- मुरुगेशन, ए-पी- अंशुमान, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, विशेष सचिव डॉ- पराग मधुकर धकाते तथा अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *