टनल हादसे में रेस्क्यू अभियान पूर्ण, 117 घंटे से अधिक चले अभियान में 12 श्रमिक सुरक्षित निकाले गए, 10 श्रमिकों की मौत
चमोली। जनपद के हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त की शाम पानी का रिसाव और भूस्खलन होने से हुए हादसे के बाद चलाया जा रहा खोज एवं बचाव अभियान मंगलवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। करीब 117 घंटे से अधिक चले अभियान में टनल में फंसे और लापता सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया।हादसे के समय टनल में एचसीसी कंपनी के कर्मचारी कार्यरत थे। पानी का रिसाव और भूस्खलन होने के बाद प्रारंभिक तौर पर करीब 22 श्रमिकों के टनल में फंसे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, टीएचडीसी समेत विभिन्न एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।अभियान के दौरान कुल 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि 10 श्रमिकों की मौत हो गई। अभियान के पहले दिन 19 श्रमिकों को बाहर निकाला गया, जिनमें 12 घायल श्रमिक और सात मृतक शामिल थे। इसके बाद 15 अगस्त को एक तथा अभियान के अंतिम दिन 18 अगस्त को दो श्रमिकों के शव बाहर निकाले गए।रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के भीतर जमा पानी की निकासी, मलबा हटाने और फंसी मशीनरी को बाहर निकालने के साथ संभावित स्थानों पर लगातार सघन सर्च अभियान चलाया गया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने आधुनिक उपकरणों और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए दिन-रात अभियान जारी रखा। पानी निकालने के लिए सक्शन पंप समेत अन्य जरूरी उपकरणों की मदद ली गई, जिससे टनल के अंदरूनी हिस्सों तक रेस्क्यू टीमों की पहुंच संभव हो सकी।जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पूरे रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों से अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया। जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे और लापता श्रमिकों को बाहर निकालना रही।अभियान के दौरान बाहर निकाले गए घायल श्रमिकों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। जिला प्रशासन की ओर से रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी लगातार जानकारी ली गई।कठिन परिस्थितियों में सभी संबंधित एजेंसियों ने आपसी समन्वय और तत्परता के साथ लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। उनके सामूहिक प्रयासों से टनल में फंसे और लापता सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकालने का अभियान पूरा हो सका।
