August 19, 2026

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राज्यपाल से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने की भेंट

देहरादून । राज्यपाल लेफ्रिटनेंट जनरल गुरमीत सिंह ;सेनिद्ध से मंगलवार को लोक भवन में पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी मजबूत करने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्थानीय संसाधनों का वैज्ञानिक, तकनीकी और पर्यावरणीय दृष्टि से उचित उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ही पलायन की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है। उन्होंने इस दिशा में विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध संभावनाओं का अध्ययन कर व्यावहारिक मॉडल विकसित किए जाने पर जोर दिया। भेंट के दौरान त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में उपलब्ध पिरूल, गोबर और अन्य जैविक अपशिष्टों को केवल कचरा मानने के बजाय आर्थिक संसाधन के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों में बड़ी मात्रा में उपलब्ध पिरूल का वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से उपयोग कर ऊर्जा उत्पादन समेत विभिन्न क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे वनाग्नि के जोखिम को कम करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने गोबर के बहुआयामी उपयोग की संभावनाओं पर भी राज्यपाल के साथ चर्चा की। उन्होंने बताया कि गोबर से बायोगैस और जैव उर्वरक जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इसके अलावा आधुनिक तकनीक और शोध के माध्यम से गोबर में मौजूद सेल्यूलोज और लिग्निन जैसे घटकों का उपयोग मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने में किया जा सकता है। इस दौरान सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन और उनके उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए वैज्ञानिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों के सहयोग से ठोस एवं व्यवहारिक मॉडल विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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