सचिव आपदा प्रबंधन ने खटीमा में जगबूढ़ा नदी के बाढ़ सुरक्षा कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण
खटीमा । सचिव आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनोद कुमार सुमन ने खटीमा पहुंचकर नेपाल सीमा पर स्थित मेलाघाट में जगबूढ़ा नदी के भू कटाव की रोकथाम के दृष्टिगत बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने हेतु स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को कड़े निर्देश दिए कि जहाँ पर भी अति आवश्यक है, वहां पर शीघ्रता से बाढ़ सुरक्षा कार्य करा लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन भी जगहों पर नए बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने हैं, उनका एस्टीमेट तत्काल बनाकर भेजा जाए ताकि शासन स्तर से बजट उपलब्ध होते ही जनपद को धनराशि आवंटित की जा सके। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनता व जनप्रतितिधियों से भी वार्ता की और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जरूरी जानकारियां लीं। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने लोहियाहेड कैम्प कार्यालय में संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जहाँ कहीं भी बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जा रहे हैं, उन्हें आगामी वर्षाकाल से पूर्व ही हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। इसके साथ ही भविष्य में होने वाले कार्यों का प्लान पहले से ही बनाकर तैयार रखा जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र व जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने सचिव को अवगत कराया कि नेपाल सीमा पर जगबूढ़ा नदी से एसएसबी चौकी तथा मेलाघाट सिसैया के बचाव हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्य कराया जाना बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही मोहम्मदपुर भुड़िया को देवहा नदी के कटाव से बचाने के लिए भी बाढ़ सुरक्षा कार्यों की सख्त जरूरत है। इस पर विनोद कुमार सुमन ने कहा कि बाढ़ सुरक्षा के जो छोटे छोटे कार्य हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए ताकि समय रहते अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रदान की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि वर्षाकाल प्रारंभ होने वाला है, इसलिए आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत विभाग अपनी पूरी तैयारी चुस्त-दुरुस्त रखे। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन कुमार, मनोज साही, रनदीप पोखरिया, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई पी के दीक्षित, अधिशासी अभियंता आनंद सिंह नेगी सहित तमाम अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
