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पछुवा दून में सरकारी जमीनों पर कब्जे कर बने मस्जिद, मदरसे और ईदगाह

देहरादून। थानों की मस्जिद सील किए जाने के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम लोगों को उकसा कर देहरादून प्रशासन के समक्ष खूब शोर शराबा किया और दावा किया कि ये मस्जिद बिल्कुल सही भू दस्तावेजों पर बनी हुई है, हालांकि ये विषय जांच पड़ताल के लिए सील तभी किया गया जब एमडीडीए को ये लगा कि इसके निर्माण में और भू दस्तावेजों में कई खामियां रही। अब प्रशासनिक जांच के एक और खुलासा हुआ है कि देहरादून जिले में एक दो नहीं दर्जनों मस्जिदें मदरसे ऐसे है जोकि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करके बनाई गई है। इस मामले की जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर और पुलिस की खुफिया टीम के द्वारा भी जांच पड़ताल रिपोर्ट मंगवा ली है। यानि दोनों रिपोर्ट्स की क्रॉस चेक रिपोर्ट भी सही पाई गई है। जानकारी के मुताबिक पछुवा दून विकास नगर परगना क्षेत्र में आइशा मस्जिद ग्राम कुल्हाल 6 बिस्वा ग्राम समाज की भूमि पर,कूबा मस्जिद धौला तप्पड़ 5 बिस्वा वन भूमि, जामा मस्जिद ग्राम मटक माजरी 1 बीघा सिंचाई विभाग की भूमि पर, श्रहीमी मस्जिद ,6 बिस्वा सिंचाई विभाग की भूमि पर, ईद गाह मस्जिद ग्राम कुंजा 5 बिस्वा सिंचाई विभाग के नाले पर, मोमिनी मस्जिद ग्राम ढकरानी 04 बिस्वा बज्जू खाना सिंचाई विभाग की भूमि पर, मस्जिद मदरसा अस्लामिया अरबिया मसीहूल उलूम ग्राम ढकरानी 12 बिस्वा ग्राम सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध का कब्जे करके बनाई गई। ऐसे ही मस्जिद फातिमा बरोटीवाला ,ग्राम बरोटीवाला, 03 बिस्वा सरकारी ग्राम समाज की भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई। बड़ी ईदगाह ढकरानी, ईदगाह बाबूगढ़, ईदगाह लाइन जीवन गढ़,ईद गाह हरबर्टपुर,ईदगाह कुंजा, ईदगाह डाक्टरगंज नवाबगढ़ भी सरकारी भूमि पर कब्जे करके बनाए गए, इसके लिए न तो सरकार से कोई लीज अनुमति, निर्माण अनुमति ली गई। खास बात ये है कि ये सभी अवैध निर्माण या तो नारायण दत्त तिवारी या फिर हरीश रावत के कांग्रेस शासन काल में हुए है। विकास नगर परगना में 84 मस्जिदें मदरसे ईदगाह आदि इस्लामिक संरचनाएं प्रकाश में आई है,खास बात ये कि उत्तराखंड राज्य बनने से पहले इनकी संख्या केवल 14 थी। यानि इस क्षेत्र का तेजी से इस्लामीकरण हुआ और यहां के 29 ग्राम जोकि कभी हिंदू बाहुल्य थे वो अब मुस्लिम बाहुल्य हो गए है। स्मरण करने का विषय ये भी है कि इस क्षेत्र में धामी सरकार द्वारा सरकारी भूमि से तकरीबन 85 अवैध मजारे भी हटाई गई है।हिमांचल बॉर्डर और यूपी से लगा हुआ ये क्षेत्र डेमोग्राफी चेंज के असंतुलन की गाथा भी सुनाता रहा है।

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