September 26, 2026

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मिट्टी बचाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए आगे आएं किसान: गणेश जोशी

काशीपुर । प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि भूमि की उर्वरता को संरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचते हुए मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करनी चाहिए, ताकि उत्पादन लागत कम होने के साथ फसल की गुणवत्ता और भूमि की उत्पादकता भी बनी रहे। कृषि मंत्री रविवार को काशीपुर स्थित गन्ना प्रेक्षागृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, कृषि विशेषज्ञों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों ने भागीदारी की। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देश के किसान आज आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं का सृजन कर रहे हैं। किसानों की मेहनत और वैज्ञानिक सोच ही कृषि को नई दिशा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों, आधुनिक कृषि पद्धतियों और जैविक उपायों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित और न्यूनतम उपयोग की अपील करते हुए कहा कि नियमित मृदा परीक्षण से भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों की सही जानकारी मिलती है। इसके आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से अनावश्यक खर्च कम होता है और फसल उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को दीर्घकालीन रूप से सुरक्षित बनाने का प्रभावी माध्यम है। कृषि मंत्री ने जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर आगे बढ़ना चाहिए। इससे जहां भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहेगी, वहीं कृषि लागत में कमी आने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में टिकाऊ कृषि प्रणाली ही भविष्य की खेती का आधार बनने जा रही है। गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रैगन Úूट, कीवी, मिलेट और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले मृदा परीक्षण की सुविधा मुख्य रूप से प्रयोगशालाओं तक सीमित थी, जिसके कारण किसानों को समय पर अपनी भूमि की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाती थी। लेकिन अब डबल इंजन सरकार ने लैब टू लैंड की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए कृषि वैज्ञानिकों को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया है। इसके तहत कृषि विशेषज्ञ गांवों और खेतों में जाकर मिट्टðी के नमूने एकत्र कर परीक्षण कर रहे हैं तथा किसानों को आवश्यक सलाह भी दे रहे हैं। कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेत बचाओ अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर तक व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को मृदा परीक्षण, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। कार्यक्रम के दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती और फसल उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न उपायों की जानकारी भी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए खेती को वैज्ञानिक तरीके से करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मेयर दीपक बाली, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित नारंग, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, जिला कृषि अधिकारी विकेश यादव, जिला उद्यान अधिकारी सतीश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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