आतंक का पर्याय बना तेंदुआ पिंजरे में कैद
लंबे समय से ग्रामीणों में बनी थी दहशत, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू किया
अल्मोड़ा (उद संवाददाता)। जिले के लाट गांव में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने तेंदुए को वन विभाग ने आिखरकार पकड़ लिया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद लगाए गए पिंजरे में मंगलवार देर शाम तेंदुआ फंस गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद लाट गांव सहित आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा के लोधिया, देवली और लाट गांव में पिछले काफी समय से तेंदुए की सक्रियता बनी हुई थी। तेंदुआ लगातार आबादी वाले क्षेत्रें के आसपास दिखाई दे रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। बताया जा रहा है कि तेंदुआ कई मवेशियों को भी अपना शिकार बना चुका था। इसके चलते ग्रामीण लगातार वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की शिकायत और क्षेत्र में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने कुछ दिन पहले लाट गांव में पिंजरा लगाया था। इसके बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही थी। मंगलवार देर शाम तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। डीएफओ दीपक सिंह ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए की उम्र करीब आठ वर्ष है। उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। जांच के बाद तेंदुए की स्थिति और विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण उन्हें अपने परिवार और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। तेंदुए के रेस्क्यू के बाद अब क्षेत्र में दहशत कम होने की उम्मीद है। वन विभाग की टीम तेंदुए की निगरानी और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया में जुटी है। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने तथा जंगल या सुनसान क्षेत्रें में अकेले नहीं जाने की अपील की है।
