चम्पावत दुष्कर्म प्रकरण में कमल रावत और अजिता राय गिरफ्तार
झूठा मुकदमा दर्ज कराने और भ्रामक साक्ष्य प्रस्तुत करने का आरोप,तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
चम्पावत। जिले के सल्ली क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के चर्चित प्रकरण में पुलिस जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने, भ्रामक साक्ष्य प्रस्तुत करने और सोशल मीडिया के माध्यम से दबाव बनाने के आरोप में कांग्रेस प्रदेश सचिव आनंद सिंह सहित कमल रावत और अजिता राय के खिलाफ चम्पावत कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार सल्ली गांव निवासी राम सिंह रावत ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पुत्र विनोद रावत को राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के चलते साजिशन झूठे मुकदमे में फंसाया गया। शिकायत में कहा गया कि विनोद रावत गांव में डेयरी का कार्य करता है और घटना के दिन वह नियमित रूप से दूध के काम के सिलसिले में घर पहुंचा था। इसी दौरान उसके खिलाफ झूठे आरोप गढ़े गए। पुलिस ने मामले की गहन जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया, संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए और डिजिटल एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कमल रावत और अजिता राय द्वारा लगाए गए आरोपों में कई तथ्यात्मक विरोधाभास हैं। प्रस्तुत किए गए कुछ साक्ष्य प्रथम दृष्टया भ्रामक पाए गए। जांच के दौरान कांग्रेस प्रदेश सचिव आनंद सिंह की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से मामले को प्रचारित किया और अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया। पुलिस ने कमल रावत और अजिता राय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आनंद सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली चम्पावत में तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता ;बीएनएसद्ध की धारा 127;2द्ध, 217;बीद्ध, 331;4द्ध, 351;2द्ध, 61;2द्ध तथा अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। किसी भी व्यक्ति द्वारा झूठे साक्ष्य प्रस्तुत कर निर्दाेष को फंसाने का प्रयास गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस प्रदेश सचिव का नाम सामने आने के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
