नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने मनाया ‘नो व्हीकल डे’ : अपने आवास से न्यायालय तक पैदल मार्च कर दिया ईंधन संरक्षण का संदेश
नैनीताल(उद संवाददाता)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने ईंधन संरक्षण के लिए नो व्हीकल डे मनाया और अपने आवास से न्यायालय तक पैदल मार्च किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की परिस्थितियों में योगदान कर राष्ट्र को सशक्त बनाने में मदद कर रहे हैं। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने कहा कि हर व्यक्ति ने हर रोज पैदल चलना चाहिए। इस अवसर पर सभी न्यायाधीश, न्यायालय के अधिकारी/ कर्मचारी, बार एसोसिएशन के सदस्य पैदल यात्रा करते दिखे। शुक्रवार को प्रातः उच्च न्यायालय नैनीताल की तरफ से नो व्हीकल डे मनाया गया। इसमें, मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा, न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह के अलावा मैम्बर सचिव प्रदीपमणि त्रिपाठी, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जर्नल योगेश गुप्ता, रजिस्ट्रार विजिलेंस सुबीर कुमार, रजिस्ट्रार इंस्पेक्शन प्रतिभा तिवारी, रजिस्ट्रार इंफ्रा.विक्रम, रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल धीरेंद्र भट्ट, रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल राहुल श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार ओएसडी धर्मेंद्र अधिकारी और भूपेंद्र साह ने शिरकत की। अधिवक्ता भी बड़ी संख्या में पैदल आते जाते दिखे। मुख्य न्यायाधीश ने भी सभी से पैदल चलकर फ्रयूल बचाने और अपना स्वास्थ्य ठीक करने की सलाह दी। उन्होंने इस कदम को राष्ट्र की परिस्थितियों के अनुसार चलकर राष्ट्र को शक्तिशाली बनाने में योगदान बताया। कहा कि आज कॉल है आगे भी इसकी कोशिश रहेगी। अधिवक्ताओं को वर्चुअल मोड में न्यायालय से जुड़ने को कहा गया है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने तो सभी को हर रोज पैदल चलने की सलाह दी। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रयूल बचाने की सलाह के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, मंत्री, ब्यूरोक्रेट्स के साथ नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और सीडीओ अरविंद कुमार पांडे ने घर से कार्यालय तक पैदल चलने के साथ नो व्हीकल डे मनाया। मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की तरफ से जारी पत्र में समस्त प्रमुख सचिव, विशेष प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव के साथ आयुक्त गढ़वाल और कुमाऊं, समस्त विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष और सभी जिलाधिकारियों को वर्क फ्राम होम और प्रशासनिक दक्षता, ईंधन की खपत कम करना, कार पूलिंग और साइकिलिंग का प्रयोग, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, खाद्य तेल की खपत कम करना, प्राकृतिक खेती और उर्वरक निर्भरता कम करना, सोने की अनावश्यक खरीद कम करना, स्वच्छ ऊर्जा विकल्प को बढ़ाना, सौर ऊर्जा और बायोगैस, लंबित अनुमोदनों में तेजी के साथ सरकारी मितव्ययता और नेतृत्व को बढ़ाने के लिए कहा गया है।
