प्रदेशभर के व्यावसायिक भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर के अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्रटी उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी की तैयारियों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती शहरी गतिविधियों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही को देखते हुए अग्नि सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑडिट प्रक्रिया केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से फायर सेफ्रटी ऑडिट की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संस्थानों में सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी भी की जानी चाहिए। बैठक में बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा अपर सचिव तृप्ति भट्ट मौजूद रहे।
