राजस्व विभाग के खिलाफ उप तहसील में बेमियादी धरना शुरू
नानकमत्ता। ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी का नामांकन अतिक्रमण के आरोप में निरस्त होने और उत्पीड़न से आक्रोशित प्रत्याशी और ग्रामीणों ने राजस्व विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उप तहसील परिसर में अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे लोगों ने अधिकारियों पर फर्जी अतिक्रमण दर्शाकर उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता विजेंद्र सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह का कहना है कि पूर्व में चुनाव के दौरान उन्हें रोकने के उद्देश्य से राजनीतिक विरोधियों ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि बिना किसी स्थलीय जांच और नोटिस के कागजी कार्रवाई कर उनके खिलाफ खसरा संख्या में अतिक्रमण दर्शाया गया और इसी आधार पर उनका नामांकन निरस्त करा दिया गया। विजेंद्र सिंह ने बताया कि बाद में 13 फरवरी 2026 को राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा भूमि की पैमाइश कराई गई, जिसमें स्पष्ट रूप से सामने आया कि संबंधित भूमि पर उनका कोई अतिक्रमण नहीं है। इसके बावजूद विभाग द्वारा रिपोर्ट देने में अनावश्यक देरी की गई और बाद में उन्हें बचाने के बजाय दूसरे खसरा संख्या में भी अतिक्रमण दिखाकर मामला उलझा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस भूमि पर अतिक्रमण बताया जा रहा है, उस पर लंबे समय से अन्य व्यक्ति काश्त कर रहे हैं और इसके समर्थन में शपथपत्र भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बिना उचित जांच और उनका पक्ष सुने कार्रवाई की गई, जो पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है। प्रत्याशी ने यह भी सवाल उठाया कि जब सर्वे केवल खसरा संख्या 672/1 का किया गया था, तो खसरा संख्या 673/4 को किस आधार पर मामले में जोड़ा गया। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव में दो लोगों के बयान दर्ज कर फर्जी तरीके से अतिक्रमण दर्शाया गया। विजेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उपतहसील में उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इस दौरान कांग्रेस नेता अशोक राणा, सुरेंद्र सिंह करनावल, नीरज राणा, सुखविंदर सिंह, गुरदेव सिंह, बलजिंदर सिंह, जरनैल सिंह, लखविंदर सिंह, छिंदर पाल सिंह, सतनाम सिंह, सुखचौन सिंह, बलजीत सिंह सहित कई ग्रामीण धरने में शामिल रहे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
