फाइनेंस कर्मी बनकर हाईवे पर लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
रूद्रपुर/काशीपुर । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में कोतवाली आईटीआई पुलिस ने हाईवे पर फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर डम्पर चालकों से तमंचे के बल पर लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर लुटेरों को गिरफ्रतार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, लूट की 15 हजार रुपये की नगदी तथा घटना में प्रयुक्त आई 20 कार बरामद की है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस के अनुसार 24 जून को मुरादाबाद के थाना मझौला क्षेत्र निवासी आरिफ ने कोतवाली आईटीआई में तहरीर देकर बताया कि उसका भाई नासिर 18 जून को डम्पर में रामनगर से रेता लेकर मुरादाबाद जा रहा था। शाम करीब पांच बजे बल्ली ढाबा के पास आई 20 और ब्रेजा कार सवार लोगों ने डम्पर रुकवा लिया। आरोप है कि नवजोत उर्फ लक्की, विक्की और उनके अन्य साथियों ने डम्पर चालक के साथ मारपीट की, तमंचा दिखाकर उसकी जेब में रखे 11 हजार रुपये लूट लिए तथा जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। इसी दिन काशीपुर के नई बस्ती, विजयनगर निवासी आलम ने भी पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 18 जून की रात करीब 12.20 बजे बांसखेड़ा पुल के नीचे दो कारों में सवार लोगों ने उसके डम्पर को रोक लिया। आरोपियों ने स्वयं को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए वाहन की किश्त बकाया होने की बात कही। विरोध करने पर उन्होंने तमंचा दिखाकर चालक के साथ मारपीट की और डैशबोर्ड में रखे 24 हजार रुपये लूट लिए। जाते समय आरोपी जान से मारने की धमकी भी दे गए। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर संख्या 172/2026 एवं 173/2026 के तहत धारा 309;4द्ध भारतीय न्याय संहिता में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह राठौर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा लगातार सुरागरसी और पतारसी की कार्रवाई की। पुलिस को 25 जून को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी आई 20 कार से जैतपुर घोसी से बेगमाबाद जाने वाले कच्चे मार्ग पर मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर कार संख्या यूके 17 एल 7139 को रोककर दो आरोपियों को गिरफ्रतार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने डम्पर चालकों को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर वाहन रुकवाने तथा तमंचे के बल पर लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। गिरफ्रतार आरोपियों की पहचान गुरमेज सिंह उर्फ विक्की पुत्र जगजीत सिंह निवासी करघटिया फार्म थाना सितारगंज तथा गुरविन्दर सिंह पुत्र प्रीतम सिंह निवासी आजाद नगर थाना किच्छा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त आई 20 कार तथा लूट के 15 हजार रुपये बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने जनपदवासियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर वाहन रोकने, अवैध वसूली करने अथवा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि करता है तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाने, पुलिस कंट्रोल रूम अथवा डायल 112 पर दें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह राठौर, उपनिरीक्षक पुष्कर भट्टð, अपर उपनिरीक्षक रविन्द्र सिंह गड़िया, कांस्टेबल रमेश बंग्याल, राजेन्द्र जोशी तथा हेड कांस्टेबल धरम सिंह शामिल रहे।
