रुद्रपुर में बनेगा भव्य प्रवेश द्वार, भूमि का किया चयन
रुद्रपुर। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर रामपुर-नैनीताल हाईवे से रुद्रपुर में प्रवेश करने वाले लोगों का स्वागत जल्द ही एक भव्य प्रवेशद्वार करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा में शामिल इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अब धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। परियोजना के लिए शासन से धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है और अब भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसी क्रम में शुक्रवार को विधायक शिव अरोड़ा और महापौर विकास शर्मा प्रशासन, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया और प्रवेश द्वार के लिए उपयुक्त भूमि का चयन करते हुए निर्माण कार्य में आने वाली तकनीकी एवं प्रशासनिक दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। विधायक शिव अरोड़ा ने कहा कि उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए यह भव्य प्रवेशद्वार राज्य की नई पहचान बनेगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं में शामिल है। इसका डिजाइन तैयार हो चुका है और निर्माण के लिए बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। अब भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रवेशद्वार केवल एक स्वागत द्वार नहीं होगा बल्कि रुद्रपुर की सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक विकास और उत्तराखंड की पहचान का प्रतीक बनेगा।महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर देवभूमि उत्तराखंड का प्रमुख प्रवेश द्वार है। इसी मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु, नैनीताल और कुमाऊं आने वाले पर्यटक तथा प्रदेश में प्रवेश करने वाले हजारों लोग गुजरते हैं। ऐसे में यहां बनने वाला भव्य प्रवेशद्वार रुद्रपुर को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि शहर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप देने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। त्रिशूल चौक का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि डमरू चौक का जल्द शुरू हो जाएगा। प्रवेशद्वार बनने के बाद रुद्रपुर उत्तराखंड के गौरवशाली प्रवेश द्वार के रूप में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।अधिकारियों के अनुसार प्रवेशद्वार का स्वरूप आधुनिक वास्तुकला और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की झलक लिए होगा। इसमें आकर्षक लाइटिंग, सौंदर्यीकरण, हरित विकास तथा उत्तराखंड की संस्कृति को दर्शाने वाले विशेष तत्व शामिल किए जाएंगे, जिससे दिन और रात दोनों समय यह प्रवेशद्वार आकर्षण का केंद्र रहेगा। निरीक्षण के दौरान विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जयकिशन, एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा, मनीष बिष्ट तथा नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की समयसीमा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की। अब भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी होते ही टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
