चंपावत में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, हाथ पैर बांधकर कमरे में ताला लगाकर तीनों दरिंदे हुए फरार
पिता की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा,भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, पूर्व ग्राम प्रधान सहित तीन पर आरोप
चम्पावत। उत्तराखंड में एक और किशोरी के साथ गैंगरेप की घटना से कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गये है। चंपावत के सल्ली क्षेत्र हथियारों के बल पर 16 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्षेत्र के ही तीन लोगों पूर्व भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, पूर्व ग्राम प्रधान सहित एक छात्र पर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगे हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पोक्सो समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घटनास्थल पर जाकर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन भी किए। बुधवार को चंपावत कोतवाली में एक पिता ने तहरीर देकर तीन लोगों पर उसकी नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। तहरीर में पिता ने बताया है वह एक बीमार व्यक्ति हैं। उनका इलाज कराने के लिए उनकी बेटी उन्हें गांव से चंपावत लाई थी। बताया कि पांच मई 2026 को उनकी नाबालिग बेटी शाम को घर वापस नहीं लौटी। मैंने फोन में पूछा तो उसने बताया लगभग दोपहर 2ः30 बजे युवक विनोद सिंह रावत उसे शादी में सल्ली ले गया है। जो उससे पिछले कुछ समय से बात करता था। तहरीर में पिता ने बताया जब देर रात तक उनकी बेटी घर वापस नहीं लौटी तो उनके बेटी को कॉल किया गया लेकिन उसका फोन नहीं लगा। देर रात 1ः28 पर उनकी बेटी ने उन्हें कॉल की इसके तुरंत बाद उसका फोन स्विच ऑफ आने लगा। बताया कि स्थानीय लोगों और पुलिस की खोज बीन के बाद सुबह 4ः00 बजे उनकी नाबालिग बेटी एक कमरे डेयरी में बंधी हुई और नग्न अवस्था में मिली। पूछताछ में उनकी बेटी ने बताया सल्ली निवासी तीन लोगों ने उसके साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। तहरीर में बताया कि आरोपियों ने धारदार हथियार चाकू और बसुला उनकी बेटी के गले में रखकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद तीनों आरोपियों ने उनकी नाबालिग बेटी को रस्सी से बांध कर नग्न अवस्था में कमरे में ताला लगाकर बंद कर दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पूरन सिंह रावत, विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70;2 ;दुष्कर्म, 127;2, 351;2 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। हाथ पैर बांधकर कमरे में ताला लगाकर चले गए: जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर दोस्त की मेहंदी रस्म में शामिल होने गई 10वीं की छात्रा संग तीन युवकों ने मिलकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। क्रूरता इस कदर रही कि दुष्कर्म के बाद जब उसने अपने घर फोन करने का प्रयास किया तो आरोपितों ने उसके साथ मारपीट उसके हाथ पैर बांधकर कमरे में ताला लगाकर चले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे कमरे से निकाला। साथ ही एक आरोपित को गिरफ्रतार कर पूछताछ कर रही है। शेष फरार हैं। कोतवाली क्षेत्र निवासी एक 10वीं की छात्रा पढ़ाई के साथ ही चंपावत में आइसक्रीम पार्लर में काम कर परिवार का भरण पोषण एवं बीमार पिता का उपचार कराती है। बुधवार को सल्ली गांव में उसकी सहेली की शादी थी। इससे पहले मंगलवार को मेहंदी और महिला संगीत कार्यक्रम था। जिसमें शामिल होने के लिए गई।
कोतवाली में हंगामा,कमल रावत से की मारपीट
चंपावत। दुष्कर्म की घटना की सूचना मिलने पर पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत पुलिस बल के साथ पीड़िता की खोजबीन में जुटे थे। कमरे से उसके बरामद होने व घटना स्थल की वीडियो भी बनाई।इसके बाद जब कोतवाली पहुंचे तो आरोप है कि उनपर आरोपित पक्ष ने हमला कर घायल कर दिया। कुछ ही समय के बाद आठ से 10 लोगों ने हमला बोल दिया। जिसके बाद पुलिस ने बीच बचाव किया।बुधवार को शर्मनाक और बेहद निंदनीय घटना के बाद कोतवाली मानो अखाड़ा बन गया। सुबह के करीब छह बजे पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत लेकर पहुंचे कमल रावत संग दो लोगों ने मारपीट की। इसके बाद मुख्य घटना यानी दुष्कर्म की तहरीर देने के लिए पीड़िता के पिता के कोतवाली पहुंचने पर कमल रावत तहरीर लिख रहे थे। चूंकि पीड़िता के पिता गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। कमल रावत ने पीड़िता की तहरीर लिखने के बाद उनके साथ हुए मारपीट की तहरीर लिख रहे थे। इस बीच एक आरोपित कोतवाली में दिखाई दिया, जो संभवतः क्रास तहरीर देने के लिए आया था। इस दौरान आठ से 10 लोग कोतवाली के अंदर घुस गए और हमला बोल दिया। इस दौरान हड़कंप मच गया।
मामले को दिया जा रहा राजनीतिक रंग !
गैंगरेप की खबर राजनीतिक गलियारों में आग की तरह फैलने के बाद अब मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। तथाकथित आरोपियों के परिजनों ने सोशल मीडिया पर सामने आकर आरोपो को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जतायी है। वहीं दूसरी तरफ गैंगरेप के आरोंपों की जांच के लिए चंपावत पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घरे में है। अब तक अरोपियों के साथ ही पीड़िता का मेडिकल टेस्ट नहीं हुआ है। जांच के बाद ही पूरी हकीकत उजागर हो सकती है।
