संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस का लाठीचार्ज: जंतर-मंतर पर उमड़ा युवाओं का हुजुम,संसद के बाहर कड़ी सुरक्षा
प्रशासन सरकार के साथ बातचीत की कोशिश कर रहा
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शनकारी जुट गए। प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और बाद में लाठीचार्ज किया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों और कुछ नेताओं को हिरासत में लिया।दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में संसद मार्च का ऐलान किया गया है। प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकार से केदं्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। नई दिल्ली को 15 सुरक्षा जोनों में बांटा गया है और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 25 बटालियनों समेत 5,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास, संसद भवन और अन्य संवेदनशील इलाकों को नो-गो जोन घोषित किया गया है। जंतर-मंतर के आसपास तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, एंटी-सैबोटाज जांच, बैरिकेडिंग और लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया। मौके पर वॉटर कैनन और आंसू गैस से लैस वाहन भी तैनात रहे।सांसद चंद्रशेखर आजाद भी जंतर-मंतर पहुंचे। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और मनीष सिसौदिया सहित कई अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी जंतर-मंतर पहुंचे।व हीं अभिनेता प्रकाश राज ने भी प्रदर्शन स्थल पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कालकाजी क्षेत्र की निगम पार्षद आशु ठाकुर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कहा कि सीजेपी द्वारा आयोजित इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और न ही प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई थी। नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू है, जिसके तहत बिना अनुमति पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने और जुलूस निकालने पर प्रतिबंध है। पुलिस ने लोगों से अनधिकृत प्रदर्शन से दूर रहने की अपील करते हुए उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।



कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि प्रशासन सरकार के साथ बातचीत की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सोनम की हालत स्थिर है और वह अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। उनके अनुसार, जल्द ही शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा और पिछले 30 दिनों से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को आगे बढ़ाया जाएगा। सुरक्षा कारणों से संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, राजेंद्र प्रसाद रोड, अशोका रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है। वहीं, लुटियंस दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित होने की सूचना है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी बड़ी अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
