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मंत्री के बयान से चकराता की सियासत गरमाई, आमने-सामने आए भाजपाई

चकराता- विधानसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे ही भाजपा में टिकट के दावेदारों की टिकट पर चखचख बढ़ती जा रही है. बीते दिनों कैबिनेट मंत्री भारत चौधरी द्वारा एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान चकराता विधानसभा क्षेत्र के संभावित प्रत्याशी को लेकर संकेत दिए जाने के बाद चकराता के पूर्व भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने मंत्री के बयान को आड़े हाथों लिया है तथा सार्वजनिक रूप से पलटवार करते हुए अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है . दरअसल, चकराता विधानसभा क्षेत्र के क्वांसी के भंडाराथात में 17 से 19 जुलाई तक तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था, जिसमें कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शिरकत की थी. इस दौरान कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने मंच से संबोधित करते हुए कह दिया था कि चकराता से अगली विधायक मधु चौहान होंगी. मंत्री चौधरी के इस बयान को क्षेत्र में बीजेपी की संभावित उम्मीदवार को लेकर संकेत के रूप में देखा जाने लगा. कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इस बयान की चर्चा शुरू हो गई. साथ ही राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे. कैबिनेट मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर मुझे दोबारा मौका मिला तो मैं आपकी विधायक मधु चौहान के साथ मिलकर काम करूंगा. मधु चौहान आपके क्षेत्र की बेटी है जिनका ससुराल और मायका इसी विधानसभा में है. उसके बाद भी 10 -15 सौ वोटो से रह जाती हैं. यह बड़े दुर्भाग्य की बात है. इस बार 10 -15 हजार वोटो से जिता कर भेजना है . कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के इस बयान को  बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल  पचा नहीं पाए और मंत्री के बयान पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है. बीती 19 जुलाई को खत द्वार भंडारा में पहुंचे रामशरण नौटियाल ने कहा कि यहां हमारे एक विद्वान मंत्री जी आए थे. उनको कुछ आता पता नहीं है. उन्हें अपना टिकट बचना चाहिए. मैं टिकट के पीछे कभी पागल नहीं रहा मुझे जनता और भगवान पर भरोसा है. हमारे यहां चुनाव जनता तय करती है, मंत्री नहीं. उनके इस बयान को बीजेपी के भीतर संभावित दावेदारों के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान के रूप में देखा जा रहा है. ज्ञात हो कि चकराता विधानसभा बीजेपी के लिए हमेशा से चुनौती पूर्ण रही है, क्योंकि इस सीट पर काफी समय से कांग्रेस का कब्ज चला आ रहा है .वर्तमान में भी यहां से कांग्रेस के प्रीतम सिंह विधायक हैं. चुनावी समर नजदीक आने के साथ ही चकराता विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न नेताओं की सक्रियता भी बढ़ गई है. ऐसे में किसी भी नेता का सार्वजनिक मंच से किसी संभावित प्रत्याशी के पक्ष में दिया गया बयान राजनीतिक मायने रखता है. यही वजह है कि मंत्री भरत चौधरी की टिप्पणी के बाद पार्टी के भीतर दावेदारी और संगठनात्मक संतुलन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि, बीजेपी संगठन ने इस पूरे विवाद को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताते हुए इसे ज्यादा तूल देने से इनकार किया है. बीजेपी प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने कहा कि चुनावी साल में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी-अपनी विधानसभा में सक्रिय रहने और दावेदारी रखने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि बीजेपी एक बड़ा संगठन है, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता पार्टी के लिए काम करते हैं.ऐसे में अलग-अलग नेताओं की सक्रियता को किसी विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. कुल मिलाकर बीजेपी संगठन इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया भले ही बता रहा है, लेकिन इस घटनाक्रम ने चकराता विधानसभा की सियासत को नई चर्चा जरूर दे दी है.

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