नगर निगम में तनाव का माहौल : धरना स्थल पर कांग्रेस नेता खेड़ा और पार्षद परवेज कुरैशी हिरासत में
रुद्रपुर। नगर निगम में मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को वाल्मीकि समाज के धरने के दौरान कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा की वहां मौजूद कुछ लोगों से कहासुनी के बाद झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मोहन खेड़ा को हिरासत में ले लिया और उन्हें धरना स्थल से हटाकर अपने साथ ले गई।मोहन खेड़ा को हिरासत में लिए जाने के बाद धरना स्थल पर माहौल और गरमा गया। उनके समर्थन में भूत बंगला क्षेत्र के पार्षद प्रवेश कुरैशी सड़क पर लेट गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा करने लगे। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।इस दौरान धरना स्थल पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद लोगों को समझाया और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया।वाल्मीकि समाज के लोग नगर निगम में हुई मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पुलिस की ओर से मामले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
भाजपाई पर हमले की कोशिश
रूद्रपुर। नगर निगम कार्यालय परिसर में अभिषेक के हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पर्यावरण मित्रें सहित वाल्मीकि समाज के लोगों में भारी रोष देखा गया। जो आने वाले तूफान का संकेत दे रहा है। धरना स्थल पर कई बार माहौल में तनातनी के अवसर भी आये। मीडिया के समक्ष एक भाजपा कार्यकर्ता गोविन्द शर्मा जब अपनी बात रख रहा था तभी पीछे से कई आवाजें आने लगी इसे मारो। इसके बाद कई लोग गोविन्द को मारने के लिए लपके भी परंतु किसी तरह गोविन्द ने वहां से जल्दी से निकल कर खुद को बचाया।
नगर निगम में तनाव का माहौल
रूद्रपुर। पुलिस द्वारा अभिषेक के नामजद हमलावरों को सोमवार को दोपहर दो बजे तक गिरफ्तार कर लेने के दिये गये आश्वासन के चलते नगर निगम कार्यालय परिसर में पर्यावरण मित्रें के साथ सैकड़ों की संख्या में रोषित वाल्मीकि समाज के लोग एकत्रित हैं। सभी की जुबान पर बस एक ही बात सुनाई दे रही थी कि पुलिस ने नामजद आरोपियों को आज सोमवार को दो बजे तक गिरफ्तार करने का समय मांगा है यदि पुलिस ने इस दौरान उन्हें गिरफ्तार नहीं किया तो शहर के हालात बिगड़ सकते हैं। जिसकी जिम्मेवारी पुलिस अधिकारियों की होगी। निगम कर्मियों व वाल्मीकि समाज की धमकी के मद्देनजर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी हर स्थिति पर पूरी नजर बनाये हुए हैं।
