September 14, 2026

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मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में गूंजा विकसित उत्तराखंड का संकल्प, विद्यार्थियों ने साझा किए अपने सपने और सुझाव

टिहरी/देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशभर के विद्यार्थियों ने उत्तराखंड के विकास, रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और पर्यावरण को लेकर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता हैं। उनके विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को लक्ष्य में बदलकर निरंतर मेहनत करने और प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आ“वान किया।मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में 2,67,744 विद्यार्थियों ने निबंध और अपने विचार भेजे। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि उनके विचार उत्तराखंड के विकास और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने पलायन, पहाड़ों में रोजगार, खेती से कम आय, सरकारी स्कूलों व अस्पतालों की व्यवस्था, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और चारधाम यात्रा जैसे मुद्दे उठाए। विद्यार्थियों ने पहाड़ों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के सुझाव भी दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं है। युवाओं को बाहर जाकर मिलने वाले अनुभव और एक्सपोजर का लाभ उठाते हुए अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव तक बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के साथ रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं।उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें। कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार लगातार काम कर रही है।कार्यक्रम में विद्यार्थियों की बेहतर सहभागिता के लिए नोडल शिक्षक अंकुश को सम्मानित किया गया। रुद्रप्रयाग में निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया। छात्रा अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री को अपनी बनाई चित्राकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 का भारत और आने वाला उत्तराखंड युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से आकार लेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश के निर्माण में योगदान देने की शुभकामनाएं दीं। संवाद के दौरान रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन विषय पर लिखे अपने निबंध के बारे में मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने इसे दो-तीन दिनों में लिखा है और पलायन को विषय इसलिए चुना, क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं महसूस किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से दो प्रकार का पलायन देखा जाता है स्थायी और अस्थायी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं होता। बाहर जाकर पढ़ने, सीखने और अनुभव प्राप्त करने से युवाओं को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। हालांकि, पहाड़ों में माताओं-बहनों को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने परिवार और समाज को संभालते हुए स्वयं कार्य कर रही हैं तथा दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं।देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पहाड़ों में रोजगार और अवसरों के विस्तार के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर विचार रखे। वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब देश का प्रत्येक गांव, प्रत्येक जिला और प्रत्येक राज्य विकास की मुख्यधारा से जुड़े और विकसित हो।छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा-‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार।’ मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि यह सकारात्मक सोच का परिचायक है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन हमारा संकल्प मजबूत होना चाहिए कि जीवन में हमें कुछ बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अपनी परिस्थितियों को अवसर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के प्रति लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर देश के सर्वाेच्च पदों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज की पीढ़ी अच्छे और बेहतर की समझ रखती है। युवाओं को अपने जनपद और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी रखनी चाहिए और सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।रुद्रप्रयाग की छात्रा अनुष्का ने पलायन रोकने से जुड़े अपने विचार साझा किए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसके बावजूद सरकार द्वारा गांव-गांव तक बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और सरकार निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं तथा रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं का आ“वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें।इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा चारधाम यात्रा से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी अपने विचार रखे।छात्र मुकेश कुशवाहा ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए छोटे-छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी सुविधा पहुंचाने तथा विद्यालय स्तर पर कौशल विकास की ट्रेनिंग उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण सुझाव बताते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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