राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा शहीद ऊधम सिंह का बलिदानः धामी
गदरपुर (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गदरपुर स्थित कंबोज धर्मशाला में अमर शहीद सरदार ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने अखंड पाठ में भी सहभागिता कर संगत का आशीर्वाद प्राप्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और सिख समाज के लोग मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अमर शहीद सरदार ऊधम सिंह का बलिदान राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने अपने अदम्य साहस, अद्वितीय राष्ट्रभक्ति और सर्वाेच्च बलिदान से भारतीय स्वाभिमान को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनका जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि यह समागम केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि एकता, आस्था और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम है। जब भी शहीद ऊधम सिंह के त्याग और बलिदान का स्मरण किया जाता है, प्रत्येक भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1919 का जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का ऐसा काला अध्याय था जिसने पूरे देश की आत्मा को झकझोर दिया था। उस दर्द और अपमान को शहीद ऊधम सिंह ने 21 वर्षों तक अपने हृदय में संजोकर रखा और उचित समय आने पर सात समंदर पार जाकर उस अत्याचार का प्रतिशोध लिया। उन्होंने माइकल ओश्डायर को दंडित कर पूरी दुनिया को भारतीय स्वाभिमान और न्याय का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी मानवता, करुणा, सत्य, सेवा और निस्वार्थ भाव का संदेश देती है। ‘सरबत दा भला’ केवल सिख समाज का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मंत्र है। गुरु परंपरा ने सदैव समाज को जोड़ने, जरूरतमंदों की सेवा करने और मानवता को सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि तराई क्षेत्र के विकास और बसावट में सिख समाज का योगदान अतुलनीय रहा है। सीमाओं की सुरक्षा से लेकर कृषि उत्पादन बढ़ाने और संकट की घड़ी में लंगर सेवा के माध्यम से मानवता की सेवा तक सिख समाज हमेशा अग्रणी रहा है। उत्तराखंड के विकास, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक समृद्धि में भी इस समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महापुरुषों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग थी कि अमर शहीद सरदार ऊधम सिंह की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके साहस और बलिदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। इसी संकल्प के अनुरूप प्रतिमा का लोकार्पण किया गया है तथा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक परियोजनाओं की सौगात भी दी जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में संगत अथवा क्षेत्रवासियों की ओर से कोई जनहित का सुझाव या आवश्यकता सामने आती है तो राज्य सरकार उसे पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केवल श्रद्धांजलि अर्पित कर लौटने का विचार लेकर आए थे, लेकिन हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह और स्नेह देखकर अपने विचार साझा किए बिना नहीं रह सके। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने पुनः अमर शहीद सरदार ऊधम सिंह को नमन करते हुए सभी श्रद्धालुओं और संगत का आभार व्यक्त किया तथा ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्र, गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय, रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, शशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, महापौर विकास शर्मा, पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह नामधारी, भाजपा प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा, सुरेश कंबोज, सुरेंद्र सिंह, सुखदेव सिंह नामधारी, नगर पालिका अध्यक्ष मिंटू गुंबर, काशीपुर के महापौर दीपक बाली सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।




