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विजिलेंस ने रिश्वतखोरी में दो को पकड़ा, तहसील कर्मियों ने टीम को जाने से रोका

तहसील कर्मचारियों का आरोप गलत तरीके से की गई कार्रवाई

14 हजार रुपये लेते रंगेहाथ दबोचे गए दोनों कर्मचारी, हल्द्वानी ले गई विजिलेंस टीम

शिकायत के सत्यापन के बाद हुई कार्रवाई, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज

सितारगंज। विजिलेंस की टीम ने तहसील परिसर में तैनात वरिष्ठ सहायक और संग्रह अमीन को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों कर्मचारियों पर एक शिकायतकर्ता से उसकी भूमि को कुर्की आदेश से मुक्त कराने तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण से संबंधित रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) की कार्रवाई समाप्त कराने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे। इधर विजिलेंस की कार्रवाई को अवैधानिक बताते हुए तहसील कर्मियों ने तहसील परिसर के गेट में ताला लगा दिया। जिससे विजिलेंस की टीम कई घंटे तक तहसील परिसर में फंसी रही। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग के पैसे को रिश्वत का पैसा बताया जा रहा हैं। इस दौरान जिले से तहसील अधिकारी और कर्मचारी तहसील परिसर में जुट गये।

निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसील सितारगंज में तैनात वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा उसके कार्य के बदले अवैध धनराशि मांग रहे हैं। शिकायत के अनुसार उसकी भूमि को कुर्की आदेश से मुक्त कराने, भूमि को बंधनमुक्त करने तथा उसकी पत्नी के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण पर जारी रिकवरी सर्टिफिकेट समाप्त कराने के एवज में संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा ने 10 हजार रुपये और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा ने छह हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने गोपनीय तरीके से पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। योजना के तहत बुधवार दोपहर टीम ने तहसील सितारगंज में जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को आरोपियों के पास भेजा।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम सौंपी, पहले संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को आठ हजार रुपये और उसके बाद वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा को छह हजार रुपये लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों कर्मचारियों से मौके पर पूछताछ की गई और आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।
गिरफ्तार संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा निवासी बोरिंग वाली गली, सितारगंज तथा वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा निवासी आमखेड़ा पट्टी बलखेड़ा, नानकमत्ता को विजिलेंस टीम अपने साथ हल्द्वानी ले गई। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई और विवेचना की जा रही है।
तहसील में दिनदहाड़े हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही कर्मचारियों और आम लोगों की भीड़ जुट गई। अचानक पहुंचे विजिलेंस अधिकारियों की कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई कर्मचारी अपने कार्यालयों से बाहर निकल आए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने में जुटे रहे।
इधर तहसील परिसर में कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आने पर तहसील कर्मचारियों ने मुख्य गेट पर ताला लगाकर विजिलेंस टीम को बाहर जाने से रोक दिया। तहसील कर्मचारियों का आरोप है कि विजिलेंस ने तथ्यहीन कार्रवाई की है। विजिलेंस ने जो नकदी बरामद दिखाई है, वह राजस्व वसूली का पैसा हैं।

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